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तेजस्वी ने परसा से क्यों दिया बड़े भाई की साली को टिकट? बैकफुट पर राजद या यादव वोट बैंक साधने की कोशिश

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने परसा विधानसभा सीट से करिश्मा राय को उम्मीदवार घोषित किया है, जो उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव की चचेरी साली हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तेज प्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच पारिवारिक विवाद अदालत में विचाराधीन है। आइए जानते हैं करिश्मा राय कौन हैं और इनको टिकट देने के पीछे राजद की क्या है रणनीति

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तेजस्वी यादव (बाएं) और करिश्मा राय (दाएं) (तस्वीर साभार: Tejashwi Yadav/Dr. Karishma Rai Facebook)

Who is Karishma Rai: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। पार्टी ने अपने प्रमुख नेता लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में उम्मीदवारों की सूची जारी हुई उसमें एक नाम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। करिश्मा राय, जो तेज प्रताप यादव की चचेरी साली हैं, को परसा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है।

करिश्मा राय कौन हैं?

करिश्मा राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती और पूर्व मंत्री विधानचंद्र राय की बेटी हैं। दरोगा प्रसाद राय का बिहार की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है। दरोगा प्रसाद राय ने 1970 में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और परसा विधानसभा सीट को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया था।

करिश्मा राय का लालू परिवार से भी नाता है। उनकी चचेरी बहन ऐश्वर्या राय, तेज प्रताप यादव की पत्नी हैं। हालांकि तेज प्रताप और ऐश्वर्या के बीच विवाद जारी है और मामला अदालत में लंबित है।

तेजस्वी का 'डैमेज कंट्रोल' या यादव समीकरण का खेल?

चौक चौराहों पर हो रही चर्चा में तेजस्वी यादव के इस दाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह कदम केवल उम्मीदवार चयन नहीं बल्कि एक सियासी डैमेज कंट्रोल रणनीति मानी जा रही है। दरअसल, तेज प्रताप यादव के विवादों और उनके अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने के फैसले से RJD का यादव वोट बैंक कुछ हद तक खिसकने की आशंका थी। ऐसे में करिश्मा राय को टिकट देकर तेजस्वी ने न केवल पारिवारिक समीकरण संभालने की कोशिश की है, बल्कि यादव मतदाताओं को एकजुट रखने का संदेश भी दिया है।

परसा सीट पर दिलचस्प मुकाबला

परसा सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद रोचक और पारिवारिक रंग लिए होगा। बता दें कि 2015 में चंद्रिका राय ने RJD से जीत दर्ज की थी लेकिन तेज प्रताप और ऐश्वर्या विवाद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर JDU का दामन थाम लिया। 2020 में JDU से चंद्रिका राय मैदान में थे, जबकि RJD से छोटे लाल राय ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। फिलहाल छोटे लाल राय भी JDU में शामिल हो गए। अब 2025 के चुनाव में स्थिति उलट गई है, RJD से करिश्मा राय और जेडीयू से छोटे लाल राय आमने-सामने होंगे। चंद्रिका राय के JDU में हाशिए पर चले जाने के बाद तेजस्वी का यह कदम राजनीतिक रूप से साहसिक और सोचा-समझा माना जा रहा है।

लालू परिवार में सियासी खींचतान

बता दें कि तेज प्रताप यादव इस बार अपनी नई पार्टी बनाकर महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। लालू यादव ने हाल ही में उन्हें पार्टी से बेदखल कर दिया था। ऐसे में करिश्मा राय को टिकट देकर तेजस्वी यादव ने न केवल तेज प्रताप को सियासी तौर पर आइना दिखाने की कोशिश की है, बल्कि यह संकेत भी दिया है कि RJD अब निजी विवादों से ऊपर उठकर राजनीतिक रणनीति पर ध्यान दे रही है।

यादव वोट बैंक पर नजर

बिहार में यादव समुदाय लगभग 15% वोटर हैं और यह RJD का पारंपरिक समर्थन आधार है। पिछले कुछ वर्षों में तेज प्रताप के बयानों और विवादों से यादव समाज में असंतोष की खबरें आई थीं। तेजस्वी यादव ने करिश्मा राय को प्रत्याशी बनाकर न केवल यादव समाज की नाराजगी को शांत करने की कोशिश की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि पार्टी अब नए चेहरों को मौका देने और पारिवारिक विवादों से दूरी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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