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Rajasthan Voting: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए वोटिंग खत्म, 70 प्रतिशत मतदान, 3 दिसंबर को रिजल्ट

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 25, 2023, 11:35 PM IST

Rajasthan Voting: सिरोही जिले के पिंडवाड़ा आबू निर्वाचन क्षेत्र के चारवली गांव ने मतदान का बहिष्कार किया। राजस्थान के पाली जिले में एक राजनीतिक दल के एजेंट की शनिवार को मौत हो गई। उदयपुर के एक मतदान केन्द्र पर 62 वर्षीय मतदाता सत्येन्द्र अरोड़ा की दिल का दौरा पडने से मौत हो गई।

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राजस्थान में वोटिंग खत्म होने के बाद ईवीएम को सील करते हुए मतदान कर्मी

Photo : ANI

Rajasthan Voting: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान खत्म हो चुका है। राज्य में कुछ जगहों को छोड़ दें तो वोटिंग शांतिपूर्ण ही रहा। वोटिंग खत्म होने के बाद अब ईवीएम को सील किया जा रहा है, ताकि उसे सुरक्षित मतगणना केंद्र तक जल्द से जल्द पहुंचा दिया सके। वोटिंग खत्म होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी सरकार बनने का दावा कर रही है।

3 दिसंबर को काउंटिंग

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतगणना 3 दिसबंर को होगी। राजस्थान में इस बार भी 199 सीटों पर ही चुनाव हुआ। राज्य में कुल 200 सीट हैं लेकिन गंगानगर जिले की करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के बाद वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया है।

राजस्थान में वोटिंग प्रतिशत

चुनाव आयोग के अनुसार रात 9 बजे तक मिले डाटा के आदार पर कुल 70 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल मतदान प्रतिशत 74.06 प्रतिशत रहा था।

भाजपा-कांग्रेस का दावा

सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने दिन में मीडिया से बातचीत में विश्वास जताया कि उनकी पार्टी को जनादेश मिलेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में कहा कि कांग्रेस के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और पार्टी राज्य में फिर से सरकार बनाएगी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पत्रकारों से बातचीत में गहलोत के अंडरकरंट वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा- "मैं उनसे सहमत हूं। वास्तव में एक ‘अंडर करंट’ है लेकिन यह भाजपा के पक्ष में है। तीन दिसंबर को कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) खिलेगा।"

इन बड़े नेताओं ने डाला वोट

मतदान के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री गहलोत, केंद्रीय मंत्री शेखावत और कैलाश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी वोट डाले। गहलोत और शेखावत ने जोधपुर में, चौधरी ने बालोतरा में, राजे ने झालावाड़ में और पायलट ने जयपुर में वोट डाला। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने चित्तौड़गढ़ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और पार्टी सांसद दीया कुमारी तथा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में मतदान किया। कुमारी और राठौड़ उन सात भाजपा सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

कैसी रही वोटिंग

सिरोही जिले के पिंडवाड़ा आबू निर्वाचन क्षेत्र के चारवली गांव ने मतदान का बहिष्कार किया। राजस्थान के पाली जिले में एक राजनीतिक दल के एजेंट की शनिवार को मौत हो गई। उदयपुर के एक मतदान केन्द्र पर 62 वर्षीय मतदाता सत्येन्द्र अरोड़ा की दिल का दौरा पडने से मौत हो गई। सीकर के फतेहपुर में दो गुटों में झड़प के बाद पथराव हुआ। पुलिस ने बताया कि यह घटना एक मतदान केंद्र के पास हुई। थानाधिकारी इंद्राज सिंह ने बताया कि बूथ संख्या 128 पर दो पक्षों के बीच पत्थरबाजी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। धौलपुर की बाड़ी सीट पर दो उम्मीदवारों के समर्थकों के दो समूहों के बीच झड़प हुई। डीग जिले के कामां के सांवलेर गांव में पथराव में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोग घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में 12 गोलियां चलाईं। वहीं, टोंक जिले के उनियारा में 40-50 लोगों ने चुनाव बूथ में घुसने की कोशिश की। पुलिस अधीक्षक राजर्षि राज ने बताया कि हालांकि स्थिति पर काबू पा लिया गया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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