Tamilnadu, Kerala, Puducherry Election Result 2026 Live Streaming: तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणाम सोमवार यानी 4 मई को आएंगे। 293 सीटों पर होने वाली काउंटिंग पर देशभर की निगाहें टिकी है। वहीं, सोमवार सुबह से ही चुनाव नतीजों के रुझान सामने आने लगेंगे। अगर आप भी इन विधानसभा चुनावों के नतीजे डायरेक्ट चेक करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग यानी इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट results.eci.gov.in पर जाकर हर सीट के नतीजे चेक किए जा सकते हैं।
तमिलनाडु में मतगणना के लिए सभी इंतजाम पूरे
तमिलनाडु के 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर चार मई को होने वाली मतगणना के लिए व्यापक त्रि-स्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने यह जानकारी दी। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीट के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू होगी और सबसे पहले डाक मत्र की गिनती होगी। इसके बाद सुबह 8:30 बजे ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। लगभग 1.25 लाख कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें अधिकारी, मतगणना ड्यूटी पर तैनात सूक्ष्म-पर्यवेक्षक और पुलिसकर्मी शामिल हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को 75,064 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती के लिए, 234 मतगणना हॉल की व्यवस्था की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मतों की गिनती के दिन सुरक्षा के लिए लगभग एक लाख कर्मियों को तैनात किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की निगरानी करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए 234 मतगणना पर्यवेक्षकों को तैनात किया है, जिनमें से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक पर्यवेक्षक है।
केरल में मतगणना तैयारियां पूरी
केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), विपक्षी दल संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच नौ अप्रैल को हुए चुनावी मुकाबले के बाद अब सबकी निगाहें सोमवार को मतगणना के बाद सामने आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। राज्य के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में लगे तीनों गठबंधनों के लिए ये चुनाव परिणाम बेहद महत्वपूर्ण हैं। केरल में कुल 2,71,42,952 मतदाता हैं, जिनमें से 79.63 प्रतिशत ने नौ अप्रैल को 140 विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव में अपने मत डाले।
राज्य की 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने की उम्मीद है और 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 निर्वाचन अधिकारी, 1,340 अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 गणना सुपरवाइजर और 5,563 गणना सहायक शामिल हैं।
प्रक्रिया के तहत स्ट्रॉन्ग रूम को निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों, सुरक्षाकर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला जाएगा। डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले की जाएगी जो कुल डाले गए मतों का 1.36 प्रतिशत हैं। मतगणना के मद्देनगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी है।
पुडुचेरी का हाल
विधानसभा की कुल 30 सीटों में से 16 सीटें बहुमत के लिए जरूरी होती हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा पुडुचेरी क्षेत्र का है, जहां 23 सीटें आती हैं और यहीं से चुनाव का रुख तय होता है। कराईकल की 5 सीटें भी अहम मानी जाती हैं, जहां पारंपरिक रूप से कांग्रेस-डीएमके का प्रभाव रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में एनडीए ने भी यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। माहे और यनम की एक-एक सीट भले ही संख्या में छोटी हों, लेकिन करीबी मुकाबले में ये “किंगमेकर” की भूमिका निभा सकती हैं। माहे में केरल की राजनीति का असर दिखता है, जबकि यनम में स्थानीय नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रभाव ज्यादा अहम होता है।
