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केजरीवाल के घर के बाहर स्वाति मालीवाल ने फेंका कूड़ा, बोलीं- सुधर जाओ वरना जनता सुधार देगी

Swati Maliwal protested against Arvind Kejriwal: स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने केजरीवाल के आवास के बाहर कूड़ा फेंका। मालीवाल कचरा उठाने वाले तीन ट्रक में से एक में सवार होकर वहां पहुंचीं। रिपोर्ट में देखें उन्होंने इस दौरान क्या कुछ कहा।

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स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल के खिलाफ खोला मोर्चा।

Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर विरोध स्वरूप कूड़ा फेंका जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मालीवाल और उनके सहयोगियों ने विकासपुरी में सड़कों से कूड़ा उठाया, उसे तीन मिनी ट्रकों में भरा और फिरोजशाह रोड पर केजरीवाल के घर पहुंचे। उन्होंने वहां जमीन पर कूड़ा फेंका, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और वहां से हटा दिया।

सैकड़ों महिलाएं हाथों में तख्तियां लिए देखी गईं

केजरीवाल के पांच फिरोजशाह रोड स्थित आवास के पास सैकड़ों महिलाएं हाथों में तख्तियां लिए देखी गईं, जिन पर लिखा था, ‘‘मुस्कुराइए, ‘आप’ दिल्ली में हैं’’। मालीवाल कचरा उठाने वाले तीन ट्रक में से एक में सवार होकर वहां पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें वह और अन्य लोग विकासपुरी से कूड़ा इकट्ठा करते दिख रहे हैं।

कूड़ा इकट्ठा करके केजरीवाल के घर पर फेंकने पहुंचीं

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘विकासपुरी में वर्षों से सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लोग बहुत गुस्से में हैं। वे यह सारा कूड़ा इकट्ठा करके केजरीवाल के घर पर फेंकने जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दिल्ली की हालत खराब हो गई है। दिल्ली वाले रोज जो गंदगी और बदबू झेलते हैं, आज वही केजरीवाल जी को झेलना पड़ेगा... जनता आ रही है, केजरीवाल जी, डरो मत।’’

घटना के मद्देनजर केजरीवाल के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवरोधक लगा दिए हैं और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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