Nawab Pataudi 1971 Gurugram Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव 2024 में सभी ओर प्रचार, नामांकन की धूम है, बात यहां दिल्ली से सटे और हरियाणा के अहम शहर गुरूग्राम की जहां फिल्म अभिनेता राजबब्बर सपा से प्रत्याशी हैं तो वहीं बीजेपी ने दिग्गज नेता राव बीरेंद्र सिंह को फिर से मैदान में उतारा है, वहीं साल 1971 के चुनाव की करें तो अभिनेता सैफ अली खान व सोहा अली खान के पिता मंसूर अली खान पटौदी पहली बार 1971 में पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली विशाल हरियाणा पार्टी यानी वीएचपी के टिकट पर गुरुग्राम लोक सभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं तब फरीदाबाद भी इसी का हिस्सा था।
राजनीति के जानकार बताते हैं कि राव बीरेंद्र सिंह ने 1971 के चुनाव में गुरुग्राम लोकसभा सीट पर युवा क्रिकेटर मंसूर अली खां पटौदी उर्फ नबाब पटौदी को चुनावी मैदान में उतारा था।

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तब फरीदाबाद भी गुरुग्राम का ही हिस्सा हुआ करता था नबाब पटौदी के सामने थे कांग्रेस के टिकट पर उतरे प्रत्याशी तैयब हुसैन और निर्दलीय के नरेंद्र जिनसे उनका मुकाबला था।
फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने पति नबाब पटौदी के लिए जमकर किया प्रचार
गौर हो कि फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की शादी क्रिकेटर मंसूर अली खां पटौदी उर्फ नबाब पटौदी से हुई थी, उस वक्त शर्मिला टैगोर का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा था उन्होंने अपने पति नबाब पटौदी के लिए फरीदाबाद-गुरुग्राम में जमकर प्रचार किया वोटरों से मिलीं और उन्हें जिताने की अपील की।
इस चुनाव में नबाब पटौदी रहे थे तीसरे स्थान पर
बताते हैं कि उस वक्त अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की सभाओं में भीड़ तो खूब जुटी पर ये वोटों में तब्दील न हो सकी, चुनाव में तैयब हुसैन सबसे ज्यादा करीब 199326 वोट हासिल करने में कामयाब रहे वहीं दूसरे नंबर पर रहे निर्दलीय के नरेंद्र वहीं टाइगर पटौदी को कुल वोट मिले 22973, इसके बाद टाइगर पटौदी वापस क्रिकेट मैदान में लौट गए और राजनीति से तौबा कर ली।
1991 में फिर भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर उतरे टाइगर पटौदी
नबाब पटौदी ने साल 1991 में एक बार फिर सियासी पारी की शुरुआत की इस बार मध्य प्रदेश के भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर उतरे थे और मुकाबला था बीजेपी प्रत्याशी सुशील चंद्र वर्मा से, गौर हो कि नबाब पटौदी का जन्म स्थान भी भोपाल ही है, तब टाइगर पटौदी के चुनाव प्रचार तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पूर्व कप्तान कपिल देव भी पहुंचे थे और जिताने की अपील भी पुरजोर की पर यहां भी सफलता टाइगर पटौदी के हाथ ना आई और वो बीजेपी प्रत्याशी के हाथों हारकर दूसरे नंबर पर रहे थे।
