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सम्राट चौधरी 6 हत्याओं का आरोपी- प्रशांत किशोर का नया खुलासा, शिल्पी गौतम बलात्कार-रेप मामले को लेकर भी पूछे तीखे सवाल

जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें छह हत्याओं का आरोपी बताया और नीतीश सरकार से उनकी बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग की

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जनसुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर (फोटो- @Jan Suraaj)

जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे 1995 के तारापुर (मु़ंगेर) हत्याकांड में अभियुक्त हैं और तुरंत बर्खास्त व गिरफ्तार किए जाएं। किशोर ने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो वह राज्यपाल से मिलकर मामला उठाएंगे।

तारापुर हत्याकांड में आरोपी हैं सम्राट किशोर

उन्होंने पटना में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘तारापुर में 1995 में छह लोगों की हत्या हुई थी, जो सभी कुशवाहा जाति के थे। यह बिहार में जातीय राजनीति करने वालों के लिए सबक होना चाहिए। सम्राट चौधरी कहते हैं कि मैं कुशवाहा हूं।” किशोर ने आरोप लगाया कि मगर छह लोगों की हत्या से जुड़ा तारापुर मामला संख्या 44/1995 में सम्राट चौधरी अभियुक्त हैं।

सम्राट चौधरी की उम्र में हेर फेर

उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी ने अदालत में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का एडमिट कार्ड जमा किया था, जिसमें उनका नाम ‘सम्राट चंद्र मौर्य’, पिता का नाम ‘सकुनी चौधरी’ और जन्मतिथि 01-05-1981 दर्ज है। किशोर ने कहा, ‘‘उस हिसाब से 1995 में उनकी उम्र 14 साल थी और नाबालिग होने के कारण उन्हें राहत मिली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यदि हम चौधरी का 2020 का हलफनामा देखें, तो उसमें उनकी उम्र 51 वर्ष बताई गई है। इसके हिसाब से 1995 में उनकी उम्र 20-25 साल के आसपास होनी चाहिए थी। यह तथ्य उन्हें अभियोजन के दायरे में लाता है।’’ किशोर ने कहा कि यह ‘‘गंभीर आरोप’’ हैं।

शिल्पी गौतम बलात्कार और हत्या मामले में तीखे सवाल

उन्होंने लालू प्रसाद के शासनकाल के चर्चित शिल्पी गौतम बलात्कार और हत्या मामले का भी जिक्र करते हुए पूछा, ‘‘क्या सम्राट चौधरी उस मामले में संदिग्ध थे या नहीं? क्या इस मामले में सीबीआई जांच हुई थी और उनका सैंपल लिया गया था?’’

अशोक चौधरी को भी घेरा

चुनावी रणनीतिकार से राजनीति में आए किशोर ने बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर अपना हमला तेज करते हुए वैभव विकास ट्रस्ट के वित्तपोषण पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जब से अशोक चौधरी की बेटी की सगाई ट्रस्ट की सदस्य अनीता कुणाल के बेटे से हुई है, तब से ट्रस्ट करीब 100 करोड़ की जमीन खरीद चुका है। प्रशांत किशोर ने ट्रस्ट के लोगों से इस 100 करोड़ की खरीददारी का स्रोत बताने को कहा। इन लोगों में किशोर कुणाल, अनीता कुणाल, और जिया लाल आर्य शामिल हैं। उन्होंने अशोक चौधरी से पांच दिन में ‘‘100 करोड़ के मानहानि नोटिस वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी और इस्तीफा देने की मांग की ।’’ प्रशांत किशोर ने कहा,‘‘अगर इस्तीफा नहीं देंगे तो हम उनका राजनीतिक घेराव करेंगे और राज्यपाल से कार्रवाई की मांग करेंगे और 500 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा करेंगे।’’

प्रशांत किशोर ने अपनी कमाई का दिया ब्यौरा

किशोर ने आरोप लगाया कि अशोक चौधरी ने 20 हजार करोड़ रुपये के ठेके दिए हैं और पांच प्रतिशत कमीशन लिया। उन्होंने अपनी आमदनी का भी ब्योरा देते हुए कहा, ‘‘मैंने पिछले तीन साल में विभिन्न राजनीतिक दलों और कंपनियों को सलाह देकर 241 करोड़ रुपये कमाए हैं। इसमें से 30.95 करोड़ रुपये जीएसटी और 20 करोड़ रुपये आयकर के रूप में जमा किए हैं। मैंने अपनी व्यक्तिगत 98 करोड़ रुपये की राशि जनसुराज को दान दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चोरी नहीं करता, जो सलाह देता हूं उसका पैसा लेता हूं और तब तक बिहार के विकास के लिए काम करूंगा, जब तक बिहार में सुधार नहीं होता।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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