इलेक्शन

राहुल गांधी देंगे मटन पार्टी, जिसमें उनकी बहन प्रियंका पकाएंगी खाना; जानें कौन होगा खास मेहमान

Bihar Politics: राहुल गांधी ने एक बार फिर लालू के परिवार के सदस्यों के साथ मटन खाया। बिहार में चुनावी दौरे के दौरान तेजस्वी यादव ने राहुल को मटन भात खिलाया। इस दौरान मीसा भारती, संजय यादव, मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद रहे। टेबल टॉक में ये चर्चा हुई कि अगली पार्टी राहुल गांधी की ओर से आयोजित होगी।

Image

प्रियंका गांधी वाड्रा पकाएंगी मटन।

Photo : Twitter

Rahul Gandhi Mutton Party: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मटन पार्टी में उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा कुक बनेंगी। दरअसल, चुनावी सरगर्मी के बीच प्रचार के लिए बिहार दौरे पर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लालू यादव के नेता और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मटन भात खिलाया। ये दूसरा मौका था, जब राहुल गांधी ने लालू परिवार के सदस्यों के साथ मटन खाया हो। तेजस्वी की इस मटन पार्टी में राहुल के अलावा लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती, राज्यसभा सदस्य संजय यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और सीपीआई (एमएल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य शामिल हुए। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

टेबल टॉक में हुई सियासत पर चर्चा

मटन पार्टी के बीच हुई टेबल टॉक में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और उनकी बहन मीसा भारती ने सियासत से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी की सरकार और उनके कार्यकाल पर इन्होंने सवाल खड़ा किया। साथ ही पाटलीपुत्र से आरजेडी उम्मीदवार मीसा भारती ने दावा किया कि मोदी ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया है। राहुल गांधी की मेहमाननवाजी के लिए तेजस्वी ने मटन भोज का आयोजन किया तो वहां मौजूद सभी ने बड़े चाव से मटन-भात और बाटी का मजा लिया।

वीडियो में सुना जा सकता है कि सभी सियासी मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। राहुल गांधी जब ये पूछते हैं कि बिहार में क्या होगा, तो तेजस्वी यादव ने जवाब दिया कि हम तो पहले से ही कहते रहे हैं कि परिणाम चौंकाने वाले होंगे। इसी बीच मीसा भारती ने तो विपक्षी दलों के सरकार बनने के बाद का प्लान सुझा दिया। वे कहती हैं- सरकार बनते ही सबसे पहले अग्निवीर योजना को खत्म कीजिएगा।

अब राहुल गांधी देंगे अगली मटन पार्टी

डाइनिंग टेबल पर सियासी चर्चा के बीच मछली और मटन का जिक्र होता है, तभी राहुल गांधी खुद ही इस बात को कबूल करते हैं कि उन्होंने लालू जी के घर दो बार मटन खाया है। वाकई मटन टेस्टी है। इतने में तेजस्वी यादव ये कहते हैं कि राहुल जी दूसरी बार हमारे साथ मटन खा रहे हैं। जिसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि अब हम खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरी बहन (प्रियंका गांधी वाड्रा) आप लोगों को मटन बनाकर खिलाना चाहती है।

Rahul Gandhi Mutton Party in Bihar

मटन पार्टी में तेजस्वी, राहुल और मीसा।

राहुल गांधी ने मीसा भारती की तरफ देखते हुए कहा कि मेरी बहन भी आपके लिए मटन पकाना चाहती है। ये सुनकर मीसा हंसती है, और राहुल कहते हैं कि अब मेरी और मेरी बहन की बारी है कि हम मटन पार्टी के लिए सभी को आमंत्रित करें। नाउ इट्स माई टर्न (अब मेरी बारी है)।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article