Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश की आठ सीटें भी शामिल हैं। यहां सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (सुरक्षित), मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में 19 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने यूपी की सभी 80 सीटों पर फतह हासिल करने के लिए अपने सबसे मजबूत खिलाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे किया है। यूपी में पीएम मोदी अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मेरठ से करेंगे।
पीएम मोदी 31 मार्च को मेरठ में बड़ी रैली आयोजित करने वाले हैं। खास बात यह है कि इस रैली में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी शामिल होंगे, जो हाल ही में सपा से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए हैं। बता दें, मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल को मैदान में उतारा है।
पश्चिमी यूपी पर खास नजर
यूपी के किले को भेदने के लिए बीजेपी को पश्चिमी यूपी से पार पाना होगा। दरअसल, 2014 के चुनाव में बीजेपी ने इस क्षेत्र की 27 सीटों में 24 पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2019 में सपा-बसपा गठबंधन से बीजेपी को चुनौती मिली और 19 सीटें ही भाजपा सुरक्षित रख सकी। बची हुई आठ सीटों पर सपा-बसपा के साझा उम्मीदवार जीते। वहीं, मेरठ लोकसभा सीट की बात करें तो 2019 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र अग्रवाल ने सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार हाजी याकूब कुरेशी को 5,000 से भी कम वोटों के मामूली अंतर से हराया था। ऐसे में इस सीट को अपने खाते में बनाए रखने के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है।
इस बार अलग होंगे समीकरण
2019 की तुलना में 2024 के समीकरण कहीं अलग होंगे। दरअसल, बीजेपी ने जहां आरएलडी, एसबीएसपी, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी जैसे दलों के साथ गठबंधन किया है। तो समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ रही है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सभी सीटों पर अकेले लड़ रही है।
