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यूपी में के इस किले से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे PM Modi, जयंत चौधरी भी होंगे शामिल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 27, 2024, 03:51 PM IST

Lok Sabha Elections: मेरठ लोकसभा सीट की बात करें तो 2019 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र अग्रवाल ने सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार हाजी याकूब कुरेशी को 5,000 से भी कम वोटों के मामूली अंतर से हराया था। ऐसे में इस सीट को अपने खाते में बनाए रखने के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Photo : Twitter

Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश की आठ सीटें भी शामिल हैं। यहां सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (सुरक्षित), मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में 19 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने यूपी की सभी 80 सीटों पर फतह हासिल करने के लिए अपने सबसे मजबूत खिलाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे किया है। यूपी में पीएम मोदी अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मेरठ से करेंगे।

पीएम मोदी 31 मार्च को मेरठ में बड़ी रैली आयोजित करने वाले हैं। खास बात यह है कि इस रैली में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी शामिल होंगे, जो हाल ही में सपा से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए हैं। बता दें, मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल को मैदान में उतारा है।

पश्चिमी यूपी पर खास नजर

यूपी के किले को भेदने के लिए बीजेपी को पश्चिमी यूपी से पार पाना होगा। दरअसल, 2014 के चुनाव में बीजेपी ने इस क्षेत्र की 27 सीटों में 24 पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2019 में सपा-बसपा गठबंधन से बीजेपी को चुनौती मिली और 19 सीटें ही भाजपा सुरक्षित रख सकी। बची हुई आठ सीटों पर सपा-बसपा के साझा उम्मीदवार जीते। वहीं, मेरठ लोकसभा सीट की बात करें तो 2019 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र अग्रवाल ने सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार हाजी याकूब कुरेशी को 5,000 से भी कम वोटों के मामूली अंतर से हराया था। ऐसे में इस सीट को अपने खाते में बनाए रखने के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है।

इस बार अलग होंगे समीकरण

2019 की तुलना में 2024 के समीकरण कहीं अलग होंगे। दरअसल, बीजेपी ने जहां आरएलडी, एसबीएसपी, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी जैसे दलों के साथ गठबंधन किया है। तो समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ रही है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सभी सीटों पर अकेले लड़ रही है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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