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Palwal Vidhan Sabha Chunav 2024, पलवल विधान सभा सीट: पलवल में कैसे हैं राजनीतिक समीकरण, क्या कांग्रेस के करण दलाल फिर पलटेंगे बाजी?

Palwal Haryana Vidhan Sabha Chunav 2024, Palwal Constituency, History, Party, Key Candidate: हरियाणा की पलवल विधानसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व मंत्री करण दलाल और भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता गौरव गौतम मैदान में हैं। करण सिंह दलाल इस सीट से पांच बार जीत हासिल कर चुके हैं।

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पलवल सीट से प्रत्याशी भाजपा के गौरव गौतम और कांग्रेस के करण दलाल।

Palwal Haryana Vidhan Sabha Chunav 2024: हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर 5 अक्टूबर को मतदान होना है। वोटों की गिनती 8 अक्टूबर, 2024 को होगी। हरियाणा की जिन सीटों पर सभी की नजर है, उनमें से एक पलवल विधानसभा सीट भी है। हरियाणा की हॉटसीटों में शुमार पलवल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। यहां

दिल्ली से सटे पलवल में कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व मंत्री करण दलाल और भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता गौरव गौतम मैदान में हैं। करण सिंह दलाल इस सीट से पांच बार जीत हासिल कर चुके हैं। हालांकि, 2019 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

पांच बार विधायक रह चुके हैं करण दलाल

पलवल विधानसभा सीट से पहली बार गुरदत्त सिंह भाटी विधायक बने थे। इसके बाद यह सीट हरियाणा विकास पार्टी के करण सिंह दलाल के खाते में आई। 1996 और 2000 के चुनाव में भी करण सिंह दलाल ने जीत हासिल की। 2005 में वह कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि, 2009 में उन्हें सुभाष चौधरी के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा। 2014 में एक बार फिर उन्होंने यह सीट वापस ले ली।

2019 में भाजपा के दीपक मंगला ने हराया

2019 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के दीपक मंगला ने जीत हासिल की। उन्हें 89426 वोट मिले। वहीं, करण सिंह दलाल को 61130 वोट मिले। हालांकि, इस बार के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने करण सिंह दलाल के मुकाबले गौरव गौतम को मैदान में उतारा है। वहीं आजाद समाज पार्टी (काशीराम) ने हरीत बैन्सला को टिकट दिया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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