Pakistan Chunav News: इमरान खान का क्या होगा? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं और इमरान और उनकी पार्टी को लगातार एक के बाद एक झटके झेलने पड़ रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश काजी फैज ईसा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चुनाव चिह्व 'बल्ले' को बहाल करने संबंधी उच्च न्यायालय के फैसले को प्रथमदृष्टया 'त्रुटिपूर्ण' करार दिया।
क्या है इमरान खानी की पार्टी के चुनाव चिन्ह का विवाद?
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को पेशावर उच्च न्यायालय (पीएचसी) के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। निर्वाचन आयोग ने खान की पार्टी में संगठनात्मक चुनावों को 'असंवैधानिक' घोषित कर पार्टी के चुनाव चिह्न 'बल्ले' को रद्द कर दिया था, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
चुनाव चिह्न 'बल्ले' को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
‘जियो न्यूज’ की खबर के अनुसार प्रधान न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि क्या उच्च न्यायालय ने ‘पीटीआई’ के संगठनात्मक चुनावों को कानून के अनुरूप पाया और पूछा, 'बल्ले' को चुनाव चिह्न के रूप में आवंटित करने का मुद्दा बाद में आता है। सबसे पहले, हमें पार्टी के आंतरिक चुनावों की समीक्षा करनी होगी।'
न्यायमूर्ति ईसा के हवाले से खबर में कहा गया, 'अदालत ने सिर्फ यह आदेश दिया कि ‘पीटीआई’ को उसका चुनाव चिह्न वापस दिया जाना चाहिए। पेशावर उच्च न्यायालय का फैसला प्रथमदृष्टया त्रुटिपूर्ण है।' अब ये देखना अहम होगा कि चुनाव से पहले इमरान खान का क्या होता है। उन्हें और उनकी पार्टी को राहत मिलती है या उनके सिर पर मुसीबतें बनी रहती हैं।
(भाषा)
