Rashid Engineer : जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले राशिद इंजीनियर को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने उन पर शर्त पर लगाई है। कोर्ट ने कहा कि वह मीडिया में टेरर फंडिंग मामले पर कुछ नहीं बोलेंगे। बता दें कि राशिद को मंगलवार को अंतरिम जमानत मिली। जेल में रहते हुए राशिद ने लोकसभा चुनाव में उमर अब्दुल्ला को हराया। उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव भी लड़ रही है। वहीं, पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने राशिद पर भाजपा के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। महबूबा ने पूछा कि राशिद जेल में थे तो उनके उम्मीदवारों का चयन किसने किया। राशिद बारामूला सीट से सांसद हैं।
नियमित याचिका पर सुनवाई टली
हालांकि, राशिद की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पांच अक्टूबर तक के लिए टल गई। राशिद की रिहाई पर आवामी इत्तिहाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने कहा कि यह फैसला चुनावी समीकरण बदलने साबित हो सकता है। राशिद की रिहाई दशकों से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दबदबा रखने वाले उमर अबदुल्ला और महबूबा मुफ्ती के लिए चुनौती खड़ी करेगी क्योंकि उनके झूठे वादों को लेकर राशिद उन पर हमलावर होंगे।
उमर को दो लाख से ज्यादा वोटों से हराया
बता दें कि आतंकियों का कथित रूप से समर्थन करने के आरोप में स्पेशल ऑपरेश ग्रुप ने उन्हें 2005 में गिरफ्तार किया। हालांकि, बाद में इन पर से सभी आरोप हटा लिए गए। अगस्त 2019 में यूएपीए के तहत इनकी फिर गिरफ्तारी हुई। 2014 का लोकसभा चुनाव इन्होंने बारामूला सीट से लड़ा और इस सीट पर उमर अब्दुल्ला को 204,000 वोटों से हराया।
राशिद की पार्टी ने 34 प्रत्याशी उतारे
राशिद की पार्टी ने आवामी इत्तेहाद पार्टी ने चुनाव में 34 प्रत्याशी उतारे हैं, अभी तीसरे चरण के नामांकन की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। माना जा रहा है कि अगर वह प्रचार में उतरे तो उनकी पार्टी को इससे मजबूती मिलेगी। उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी की आवामी इत्तेहाद पार्टी के अलावा कुछ अन्य छोटी पार्टियों के साथ कोई डील है। मीडिया से बातचीत में महबबा ने कहा कि इंजीनियर की रिहाई अच्छी बात है लेकिन सरकार को उन सैकड़ों युवाओं को भी रिहा करना चाहिए जो जेल में बंद हैं।
महबूबा ने पूछा-इतने पैसे कहां से आ रहे
पीडीपी नेता ने राशिद की रिहाई की टाइमिंग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राशिद जेल में थे तो उनकी पार्टी के लिए उम्मीदवारों का चयन किसने किया। उनके उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार में इतना पैसा और इतने सारे वाहन कहां से आ रहे हैं। महबूबा ने कहा कि ये सारी बातें किसी और तरफ इशारा कर रही हैं।
रिहाई की टाइमिंग पर उमर ने उठाए सवाल
गांदेरबल से प्रत्याशी उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'हमें इस बात की जानकारी थी कि ऐसा होगा। मुझे बारामूला संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए अफसोस हो रहा है कि उनकी सेवा करने या संसद में मौजूद रहने के लिए उन्हें बेल नहीं मिली लेकिन वोट लेने के लिए वह यहां हैं। इसके बाद वह वापस तिहाड़ जेल चले जाएंगे। ऐसे में उत्तर कश्मीर के पास कोई जनप्रतिनिधि नहीं होगा।' विपक्ष राशिद को भाजपा का 'प्राक्सी' बता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि राशिद की पार्टी की ओर से भाजपा के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
