Delhi Politics: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहे भाजपा विधायकों ने बुधवार को सत्तारूढ़ पार्टी से पूछा कि वह बताए कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार कैसे चला रहे हैं और पिछले पांच महीनों में उनके द्वारा लिए गए निर्णयों की सूची भी पेश करे। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आप से 10 सवाल पूछे और मांग की कि वह मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा जेल से लिए गए फैसलों की सूची पेश करे। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से 10 सवाल.... जिनके जवाब हर दिल्लीवासी चाहता है।
सवाल संख्या 1
केजरीवाल पांच महीने से जेल में हैं पूरी आम आदमी पार्टी बताए कि, आखिर वो जेल में किस तरह सरकार चला रहे हैं? अब तक उन्होंने कितने फैसले लिए हैं?
सवाल संख्या 2
आम आदमी पार्टी बताए कि, छठे वित्त आयोग का अब तक गठन क्यों नहीं किया गया?
सवाल संख्या 3
बीते सात साल से CAG की 11 रिपोर्टों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
सवाल संख्या 4
चीफ सेक्रेटरी द्वारा विधानसभा के पटल पर पेश रिपोर्ट आखिर आतिशी जी छुपा कर क्यों बैठी हुई हैं? केजरीवाल सरकार बताए आखिर 73,000 करोड़ का दिल्ली जल बोर्ड का बिल कब चुकता करेगी?
सवाल संख्या 5
केंद्र की आयुष्मान योजना आखिर दिल्ली में अब तक लागू क्यों नहीं हुई?
सवाल संख्या 6
केंद्र सरकार की योजना PM-ABHIM के जरिए दिल्ली सरकार को मिले 2,406 रुपए आखिर क्यों नहीं खर्च कर रही केजरीवाल सरकार?
सवाल संख्या 7
केजरीवाल सरकार उनके अंतर्गत आने वाले कालेज को क्यों नहीं दे रही फंड?
सवाल संख्या 8
दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेनरशिप में जो घोटाला हुआ है उसे उजागर करे केजरीवाल एंड कंपनी
सवाल संख्या 9
दिल्ली में बनने वाले 7 ICU अस्पतालों की लागत क्यों बढ़ी और अब तक इनका निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हो पाया?
सवाल संख्या 10
जहां झुग्गी वहां मकान कहने वाले केजरीवाल बताएं कितनी झुग्गियों के बदले बनवाया पक्का मकान? कितनी झुग्गियों में नल से दिया जल?
सरकार गिराने की साजिश का लगाया था आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाकर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार को ‘‘पिछले दरवाजे’’ से गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया। यह आरोप ऐसे समय लगाया गया, जब एक दिन पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय ने विपक्षी दल भाजपा के एक ज्ञापन को गृह मंत्रालय के पास ‘‘समुचित ध्यान देने’’ के लिए भेजा था। ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली संवैधानिक संकट का सामना कर रही है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यदि आप 10 सवालों का जवाब देने में विफल रहती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास ‘‘संवैधानिक संकट’’ और ‘‘संविधान के उल्लंघन’’ का कोई जवाब नहीं है और उसकी (आप की) सरकार 'दोषी' है।
