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किस ओर करवट ले रहा हरियाणा चुनाव? क्या पाला बदलेंगी कुमारी शैलजा, खट्टर ने दिया बड़ा ऑफर

Haryana Assembly Elections: कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा के लिए बीजेपी की तरफ से यह ऑफर ऐसे समय आया है, जब वह पिछले एक सप्ताह से पार्टी के प्रचार से दूर हैं। हालांकि, वह अपने घर पर समर्थकों से मिल रही हैं। क्षेत्र में सक्रिय नहीं होने के कारण दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियां भी कुमारी शैलजा पर डोरे डाल रही हैं।

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खट्टर ने दिया कुमारी शैलजा को ऑफर।

Photo : BCCL

Haryana Assembly Elections: हरियाणा चुनाव से पहले पाला बदल की सियासत गर्मा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेताओं पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। इस बीच कांग्रेस की दिग्गज नेता कुमारी शैलजा को बड़ा ऑफर मिला है, जिसने कांग्रेस नेताओं के कान खड़े कर दिए हैं। हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बहन कुमारी शैलजा का कांग्रेस में अपमान हुआ है। हमने कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है और हम उन्हें भी अपने साथ लाने के लिए तैयार हैं।

भाजपा की तरफ से कुमारी शैलजा के लिए आए इस ऑफर ने राज्य की सियासी हलचल बढ़ा दी है। बता दें, कुमारी शैलजा के लिए यह ऑफर ऐसे समय आया है, जब वह पिछले एक सप्ताह से पार्टी के प्रचार से दूर हैं। हालांकि, वह अपने घर पर समर्थकों से मिल रही हैं। क्षेत्र में सक्रिय नहीं होने के कारण दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियां भी कुमारी शैलजा पर डोरे डाल रही हैं।

कांग्रेस में हुआ शैलजा का अपमान- कांग्रेस

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, कांग्रेस की दलित नेता कुमारी शैलजा का अपमान हुआ है। उन्हें गालियांद दी गईं और अब वह अपने घर पर बैठी हैं। खट्टर ने कहा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा को इस अपमान के बावजूद कोई शर्म नहीं आई। आज एक बड़ा वर्ग सोच रहा है कि क्या करें। हमने कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है और उन्हें भी अपने साथ लोने के लिए तैयार हैं।

बीएसपी ने भी डाले डोरे

सिर्फ भाजपा ही नहीं बीएसपी भी कुमारी शैलजा को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही है। हाल ही में बीएसपी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी शैलाज के बहाने कांग्रेस पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि आपने देखा होगा कि हुड्डा समर्थकों ने शैलजा के बारे में कितनी बुरी बातें कही हैं। वह एक बड़ी दलित नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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