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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव समेत कई दिग्गजों ने थामा BJP का दामन

Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस फिर एक बड़ा झटका लगा है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहें राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।

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राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया ने थामा BJP का दामन

Photo : ANI

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव-2024 से पहले कांग्रेस की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कांग्रेस को राजस्थान में एक बड़ा झटका लगा है। राजस्थान सरकार में पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव और लाल चंद कटारिया, पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा और आलोक बेनीवाल भाजपा में शामिल हो गए हैं।

राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी की मौजूदगी में कई कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहे। राजस्थान में कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्वमंत्री लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, पूर्व सांसद लाल बैरवा, पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा, विजयपाल मिर्धा, आलोक बेनीवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष भीलवाड़ा रामपाल शर्मा, पूर्व विधायक रामनारायण किसान, राजेंद्र परसवाल, शैतान सिंह मेहरड़ा प्रधान पंचायत समिति जोबनेर, रामनारायण झाझड़ा,अमित व्यास, पूर्व आईएएस ओंकार सिंह चौधरी, गोपाल राम कुकणा, अशोक जांगिड़, प्रिया सिंह मेघवाल, राजस्थान कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चौधरी, प्रधान पंचायत समिति झोटवाड़ा, जगन्ननाथ बुरड़क, कर्मवीर चौधरी, कुलदीप देवा, बच्चूसिंह चौधरी, रामलाल मीणा, महेश शर्मा, रणजीत सिंह और मधुसूदन शर्मा बीजेपी में शामिल हुए हैं।

बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं ने कही ये बातें

खिलाड़ीलाल बैरवा ने कहा, आज मोदी का विजन और देश को आगे बढ़ाने की नीति को देखकर भाजपा में शामिल हुए है। सीएम से आयोग को वैधानिक दर्जा देने की मांग की वे एससी एसटी को अपनी धरोहर मानते हैं। मेघवाल को कानून मंत्री बनाया गया है, आज एससी एसटी पर खास फोकस है। पूर्व सीएम (गहलोत) गुलाम समझते थे। राजेंद्र यादव ने कहा कि राजस्थान में 25 सीट भाजपा की झोली में होगी। विचारधारा से हम जुड़े हैं तो 400 से पार सीट जाएंगी। इस बीच लालचंद कटारिया ने कहा कि बहुत दिन से आत्मा कैजोट रही थी, अंतरात्मा की आवाज पर आज भाजपा के साथ आए है। वहीं रणधीर सिंह भिंडर ने कहा कि 11 साल का वनवास पूरा हुआ। भाजपा कार्यकर्ता था परिस्थितियों के चलते अलग पार्टी बनानी पड़ी। सभी नेताओं के साथ काम किया। अब दुबारा काम करने का मौका मिलेगा। आज सीपी जोशी का फोन आया और पार्टी ज्वाइन करने पहुंचा।

रिछपाल ने 25 सीट पर बीजेपी को जिताने का दिया भरोसा

रिछपाल मिर्धा ने कहा कि कई दिनों से कांग्रेस में दम घुट रहा था। 50 साल से कांग्रेस से जुड़े, समाज को पार्टी ने कुछ नहीं दिया। अटलजी ने 1999 में समाज को आरक्षण दिया। मोदी ने किसान के बेटे को उपराष्ट्रपति बनाया। कांग्रेस ने कुछ नहीं दिया। कांग्रेस की घूणि बुझ गई। कांग्रेस नेता शंकरिया कनपटिमार हैं। पार्टी नेताओं को तड़पता हुआ देख रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कंधा मिलाकर काम करेंगे। रिछपाल ने 25 सीट पर पार्टी को जिताने का भरोसा दिया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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