राजस्थान में हार के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत शांत दिख रहे हैं, वहीं उनके प्रतिद्वंदी सचिन पायलट हार के बाद भी एक्टिव दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान होती रही थी, बगावत भी हुई थी, लेकिन तब गहलोत ही भारी पड़े थे, लेकिन अब ऐसा लगता है कि राजस्थान में कांग्रेस का भविष्य सचिन पायलट ही हैं।
चुनावी लड़ाई में उतरे पायलट
सचिन पायलट ने बुधवार को राजस्थान के करणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित किया और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- यह वह पार्टी है जो न किसान की है और न ही नौजवान की है.. यह सिर्फ चंद उद्योगपतियों की है और उनके लिए पूरे देश की संपत्तियों को बेचा जा रहा है।"
'कांग्रेस का हौंसला बुलंद'
पायलट ने कहा कि राजस्थान में सरकार आज भाजपा की बन गई लेकिन गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में नौजवानों और किसानों में कांग्रेस की जो मजबूती थी वह पहले से ज्यादा हुई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने सरकार जरूर बना ली है लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल और कांग्रेस की विचारधारा से सहमति रखने वाले लोगों का हौसला बुलंद है।
5 जनवरी को मतदान
राज्य में विधानसभा की 200 में से 199 सीट पर 25 नवंबर को मतदान हुआ था। भाजपा ने 115 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को 69 सीट मिलीं। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। इस सीट पर अब पांच जनवरी को मतदान होगा।
