इलेक्शन

हरियाणा चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, नीलोखेड़ी उम्मीदवार कांग्रेस में शामिल

Haryana Elections: हरियाणा की नीलोखेड़ी (सुरक्षित) सीट से पार्टी उम्मीदवार अमर सिंह बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया। इसस पहले आम आदमी पार्टी के फरीदाबाद से उम्मीदवार प्रवेश मेहता भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

Image

नीलोखेड़ी से आप उम्मीदवार कांग्रेस में शामिल।

Photo : Twitter

Haryana Elections: हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यहां की नीलोखेड़ी (सुरक्षित) सीट से पार्टी उम्मीदवार अमर सिंह बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। अमर सिंह ने पार्टी में शामिल होने के बाद कहा कि केवल कांग्रेस ही भाजपा सरकार को हरा सकती है जो किसानों, महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय कर रही है।

उधर, कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा की मौजूदगी में अमर सिंह कांग्रेस में शामिल हुए। इसमें कहा गया कि बाजवा ने अमर सिंह को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया। इस बीच, बाजवा ने कांग्रेस में अमर सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि वह बिना शर्त पार्टी में शामिल हुए हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के फरीदाबाद से उम्मीदवार प्रवेश मेहता ने भी बड़ा झटका दिया था। बीते शनिवार को वह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन

आप नेता अमर सिंह ने नीलोखेड़ी से कांग्रेस उम्मीदवार को अपना पूरा समर्थन दिया है। इस दौरान बाजवा ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ वोटों का बंटवारा न हो, इसलिए अमर सिंह कांग्रेस में शमिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, आप नेता ने बिना शर्त कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

सभी सीटों पर उतारे हैं उम्मीदवार

बता दें, आम आदमी पार्टी विपक्षी गठबंधन इंडिया का घटक दल है, लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो पाने के कारण आप राज्य में अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। आम आदमी पार्टी ने हरियाणा चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article