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Gujarat Election Exit Poll 2022: मोदी मैजिक के आगे सब बेबस, मुस्लिम वोटर में भी नया ट्रेंड

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 5, 2022, 08:47 PM IST

Gujarat Election Exit Poll 2022: गुजरात चुनाव में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या है, इस पर करीब दो तिहाई लोगों ने महंगाई और बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। 44 फीसदी लोगों ने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा माना है। वहीं 26 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा माना है।

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मोदी मैजिक का फिर दिखा दम

KEY HIGHLIGHTS
  • एग्जिट पोल में पूछे गए सवालों के आधार पर देखा जाय तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मुद्दों पर हावी दिखाई दे रहे हैं।
  • 31 फीसदी वोटरों का कहना था कि गुजरात में सिर्फ मोदी का नाम काफी है।
  • कांग्रेस के लिए इन चुनावों के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए भी अच्छी खबर नहीं दिख रही है।

Gujarat Election Exit Poll 2022: गुजरात विधान सभा चुनाव 2022 के एग्जिट पोल के अनुमानों से साफ है कि बीजेपी गुजरात में एक नया इतिहास रचने जा रही है। न केवल उसने 27 साल से चली आ रही सत्ता को बरकार रखा है। वहीं अगर एग्जिट पोल के अनुमान सही होते हैं तो भाजपा अभी तक सबसे बेहत प्रदर्शन कर सकती है। टाइम्स नाउ नवभारत-ईटीजी (Times Now Navbharat-ETG) के एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा को इस बार गुजरात में 135-145 सीटें मिल सकती है। इसके पहले भाजपा को 2002 में 127 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एग्जिट पोल के अनुसार गुजरात में भाजपा को करीब 47 फीसदी वोट मिल सकते हैं। जबकि कांग्रेस को वोटों और सीटों दोनों का भारी नुकसान हो रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी दावों जैसा प्रदर्शन करते हुए नहीं दिख रही है।

किसको कितनी सीटें और वोट

Times Now Navbharat-ETG एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा को को इस बार करीब 2 फीसदी वोट का नुकसान हो रहा है। 2017 में उसे 49.10 फीसदी वोट मिले थे। इस बार वह 46.7 फीसदी वोट हासिल करते हुए दिख रही है। एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को गुजरात में करीब 18 फीसदी वोट का नुकसान हो रहा है। उसे 23.4 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं। पिछली बार उसे 41.1 फीसदी वोट मिले थे। जहां तक आम आदमी पार्टी की बात है तो पार्टी कांग्रेस के वोट बैंक में बड़ा सेंध लगा रही है। उसे कांग्रेस से ज्यादा वोट भी मिल रहे हैं। आप को 24.2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। हालांकि उसे 6-16 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस को 24-34 सीटें मिलने का अनुमान है।

सभी मुद्दों पर नरेंद्र मोदी फैक्टर भारी

एग्जिट पोल में पूछे गए सवालों के आधार पर देखा जाय तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मुद्दों पर हावी दिखाई दे रहे हैं। 27 साल की सत्ता विरोधी लहर (एंटी इनकम्बेंसी) गुजरात में थी या नहीं ? इस सवाल पर 31 फीसदी वोटरों का कहना था कि गुजरात में सिर्फ मोदी का नाम काफी है। जबकि 18 फीसदी लोगों का कहना था कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर नहीं और सिर्फ यहां पर विकास हुआ। जबकि 23 फीसदी लोगों का मानना है कि थोड़ी बहुत सत्ता विरोधी लहर है।

गुजरात चुनाव में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या है, इस पर करीब दो तिहाई लोगों ने महंगाई और बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। 44 फीसदी लोगों ने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा माना है। वहीं 26 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा माना है। वहीं 17 फीसदी लोगों के लिए भ्रष्टाचार और 13 फीसदी लोगों के लिए रेवड़ी कल्चर सबसे बड़ा मुद्दा है।

महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अहम होने के बावजूद भाजपा को नुकसान क्यों नहीं हो रहा है तो इसका जवाब एग्जिट पोल के इस सवाल में छिपा हुआ है। गुजरात में मोदी के प्रचार से BJP को कितना फायदा हुआ ? इस सवाल पर 41 फीसदी का कहना है कि बहुत फायदा हुआ , 19 फीसदी का कहना था कि मोदी नहीं आते तो भी BJP जीतती । जबकि 22 फीसदी का कहना था कि थोड़ा बहुत फायदा हुआ। साफ है कि मोदी फैक्टर पूरी तरह से हावी है।

मुस्लिम वोट कांग्रेस से छिटके

एग्जिट पोल में एक और बड़ा ट्रेंड बनता दिखाई दे रहा है। वह मुस्लिम वोटरों का ट्रेंड हैं। इसके तहत आम आदमी पार्टी को 40 फीसदी वोट मिल रहे हैं। जबकि कांग्रेस को 38 फीसदी वोट मिल रहे हैं। वहीं भाजपा क 18 फीसदी वोट मिल रहे हैं, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को 22 फीसदी मिलते दिखाई दे रहे हैं। साफ है कि कांग्रेस के हाथ से एक बड़ा वोट बैंक फिसल रहा है।

कांग्रेस के लिए फ्यूचर भी मुश्किल

एग्जिट पोल में कांग्रेस के लिए इन चुनावों के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए भी अच्छी खबर नहीं दिख रही है। गुजरात में अगर कांग्रेस हारी तो कांग्रेस का क्या भविष्य देखते हैं आप ? इस सवाल के जवाब में 31 फीसदी लोगों का कहना है कि कांग्रेस साफ हो जाएगी ।जबकि 17 फीसदी लोगों का कहना था कि राहुल गांधी को राजनीति छोड़ देनी चाहिए । वहीं 33 फीसदी लोगों का कहना था कि कांग्रेस को और मेहनत की जरूरत है।

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