Bihar Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और इसी के साथ ही नेताओं के बीच पार्टियां बदलने की होड़ लग गई है। एक तरफ राजनीतिक दल समीकरण साधने में जुटे हुए हैं तो दूसरी ओर नेता टिकट की चाहत में पार्टियां बदल रहे हैं। इसी कड़ी में, जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू में फिर से वापसी हो गई।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने शनिवार को अरुण कुमार और उनके बेटे ऋतुराज को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अरुण कुमार ने कहा, ''मुझे नीतीश कुमार के नेतृत्व में मजबूती से पुन: काम करने का मौका मिला है... बिहार जिस प्रकार से प्रगति के रास्ते पर है इसमें हम अपनी ताकत लगाएंगे।''
कौन हैं अरुण कुमार?
मगध क्षेत्र के प्रभावशाली भूमिहार नेताओं में से एक अरुण कुमार ने बेटे ऋतुराज संग जदयू की सदस्यता ली जिससे यह उनकी जदयू में तीसरी पारी है। पार्टी और क्षेत्र में उनकी पहचान एक जनप्रिय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर है। अरुण कुमार 1993 में पहली बार विधानसभा पहुंचे और वह दो बार सांसद बन चुके हैं। 1999 में पहली बार जदयू की टिकट से ही लोकसभा पहुंचे थे, जबकि 2014 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से चुनाव जीते थे। इससे पहले 2013 में अरुण कुमार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी बिहार का अध्यक्ष चुना गया था।
अरुण कुमार संग कई नेता हुए शामिल
अरुण कुमार के साथ शशि कुमार सिंह (पूर्व जिला पार्षद, मुजफ्फरपुर), हरे राम पासवान (वरिष्ठ नेता, बक्सर), संजीव चौधरी (वरिष्ठ नेता, वैशाली), दिनेश कुमार पुष्पम (मुखिया सकरा, मुजफ्फरपुर), अरुण कुमार सिंह (मुजफ्फरपुर), संजदानंद पांडे, रितेंद्र कुमार शर्मा, राम प्रवेश सैनिक, प्रभाकर सिंह सहित इत्यादि नेता जदयू में शामिल हुए।
