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बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर आज क्यों नहीं हो रही काउटिंग? ऐसा क्या हुआ कि चुनाव ही रद्द करना पड़ा, जानिए पूरी कहानी

Falta Assembly Seat Repoll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को 294 में से 293 सीटों के लिए घोषित किए जा रहे हैं, जबकि दक्षिण 24 परगना की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान (repoll) होगा और 24 मई को मतगणना की जाएगी। फाल्टा सीट पर मतदान के दौरान गंभीर गड़बड़ी, धमकी और हिंसा के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन और उसके बाद उन्हें डराया-धमकाया गया, कई जगह वोट डालने से रोका गया और विरोध करने पर मारपीट की घटनाएं हुईं। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है और लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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Falta Election: फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Falta Assembly Seat Repoll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Bengal Election Result 2026) के नतीजे आज आ रहे हैं। विधानसभा की 294 सीटों के लिए दो चरणों 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव हुआ। हालांकि, एक सीट फाल्टा (Falta seat) पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा। इसलिए अब चार मई को चुनाव नतीजे 293 सीटो को आएंगे।

दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान भारी गड़बड़ी को लेकर बड़ी गड़बड़ी की शिकायत सामने आई। बीते शनिवार को फाल्टा के हाशिम नगर इलाके में स्थानीय लोगों का गुस्सा टीएमसी और उसके वर्कर्स के खिलाफ फूट पड़ा। चुनावों में गड़बड़ी के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। घंटों तक लोग नारेबाजी करते रहे। फिर मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश करती रही लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने क्या-क्या कहा?

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में TMC के कार्यकर्ता खुलेआम घूमकर लोगों को धमका रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें न केवल जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, बल्कि उनके मासूम बच्चों को नुकसान पहुंचाने और घर की महिलाओं व बेटियों के साथ दुष्कर्म करने जैसी घिनौनी चेतावनियां भी दी जा रही हैं। इस आतंक के माहौल के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है और लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पीड़ितों का दावा है कि हिंसा का यह दौर 29 अप्रैल को मतदान के दिन से ही शुरू हो गया था, जब TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें जबरन पोलिंग बूथ पर जाने से रोका और वोट डालने में बाधा उत्पन्न की।

ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर उपद्रवियों ने उनके घरों पर हमले किए और इस दौरान विशेष रूप से हिंदू मतदाताओं को निशाना बनाया गया। आरोप है कि उन्हें डराने के लिए यह तक कहा गया कि चुनाव के बाद उनके घरों को आग लगा दी जाएगी। लोगों के भारी आक्रोश और सड़कों पर उतरे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया है।

लोगों का कहना है कि वोटिंग के बाद TMC के कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की। जब वे इसका विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

जहांगीर खान के समर्थकों ने दी धमकी

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पूरे आतंक के पीछे टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान और उनके समर्थकों का हाथ है। गौरतलब है कि जहांगीर खान को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है, जिसके कारण इलाके में उनका खासा राजनीतिक रसूख है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जहांगीर खान के संरक्षण में ही उनके गुर्गे लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट रहे हैं।

इलाके के लोगों ने विशेष रूप से इसराफिल चकदार का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि इसराफिल, जहांगीर खान का दाहिना हाथ माना जाता है और उसी के इशारे पर पूरे क्षेत्र में लोगों को धमकाने और मारपीट करने का काम कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसराफिल चकदार और उसके साथी ही वह लोग हैं जो 29 अप्रैल को वोटरों को बूथ तक जाने से रोक रहे थे और अब विरोध करने वालों को जान से मारने व घरों को फूंकने की धमकी दे रहे हैं।

BJP के बटन पर लगा दिया गया था टेप: बीजेपी

फलता से बीजेपी के उम्मीदवार देबांशु पांडा ने दावा किया कि बूथ नंबर 177 पर EVM में बीजेपी के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगा दिया गया ताकि वोटर कमल का बटन ही ना दबा सकें, जिसके बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग से फलता में रीपोलिंग की मांग की थी। बता दें कि 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक री-पोलिंग होगी और इस सीट के वोटों की गिनती 24 मई को होगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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