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एक है तो सेफ है, मोदी है तो मुमकिन है; महाराष्ट्र के चुनावी परिणाम पर देवेंद्र फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया

Devendra Fadnavis on Maharashtra Election Result: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन की प्रचंड जीत हासिल होती नजर आ रही है। इस बीच महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने चुनावी नतीजों पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी द्वारा दिए नारे 'एक हैं तो सेफ हैं' का जिक किया।

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महाराष्ट्र के चुनावी परिणाम पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस?

Maharashtra Assembly Election Result: ये बात लगभग तय मानी जा रही है कि अब महाराष्ट्र में महायुति की सरकार ही रहेगी। लेकिन इस सरकार का मुखिया कौन होगा, यानी मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल का जवाब मिलना फिलहाल बाकी है। इस बीच देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव नतीजों से जुड़े रुझानों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। फडणवीस ने क्या कुछ कहा आपको बताते हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- एक हैं तो सेफ हैं

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस जीत का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ये लिखा कि "एक है तो ‘सेफ’ है, मोदी है तो मुमकिन हैं।"

अमित शाह ने शिंदे, फडणवीस और पवार से की बात

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस से बात की और उन्हें बधाई दी। बता दें, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को जारी मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति गठबंधन, महा विकास आघाडी (एमवीए) के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करता नजर आ रहा है।

महाराष्ट्र में कौन कितनी सीटों पर आगे?

बीते 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों के लिए मतों की गिनती के बाद केंद्र के सत्तारूढ़ भाजपा को महाराष्ट्र में जीत मिलती दिख रही है। भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का महायुति गठबंधन महाराष्ट्र की 288 सीट में से 210 से अधिक सीटों पर आगे है। यह सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में एक बड़ी लहर का संकेत है, जबकि कांग्रेस, राकांपा-शरदचंद्र पवार और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे का महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन मात्र 50 सीट के आस पास पर आगे है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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