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Delhi MCD Election Result 2022: MCD में अगर किसी को नहीं मिला बहुमत,जानें फिर कैसे बनेगी सरकार

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 7, 2022, 11:31 AM IST

Delhi MCD Election Result 2022: सूत्रों के अनुसार रूझानों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।अभी तक घोषित 34 सीटों के रिजल्ट में भाजपा ने 17, आप ने 15 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीत ली है।

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MCD में सरकार पर फंसेगा पेंच!

KEY HIGHLIGHTS
  • आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पहले भी मिला चुके हैं हाथ
  • अभी तक 52 फीसदी वोटों की गिनती पूरी
  • 34 सीटों को नतीजे घोषित हो गए।

Delhi MCD Election Result 2022: दिल्ली एमसीडी चुनाव की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही हैं, परिणाम और रूझान बड़े रोचक होते जा रहे हैं। कभी भाजपा बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचती दिख रही है तो कभी आम आदमी पार्टी बहुमत का आंकड़ा पार करती दिख रही है। सुबह 10:45 तक के आंकड़ों के अनुसार 52 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है। ऐसे में 48 फीसदी वोटों की गिनती बाकी है और यह वोट भाजपा और आप का दिल्ली नगर निगम में भविष्य तय करेंगे। अभी तक घोषित 34 सीटों के रिजल्ट में भाजपा ने 17, आप ने 15 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीत ली है। सूत्रों के अनुसार रूझानों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क भी साधना शुरू कर दिया है।

क्या कहते हैं अभी तक के आंकड़े
राजनीतिक दलकितनी सीटों पर आगे
आम आदमी पार्टी131
भाजपा105
कांग्रेस10
अन्य4

एमसीडी में कुल 250 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी। और अभी तक के रूझान के अनुसार आम आदमी पार्टी 128 सीटों पर आगे हैं, वहीं भाजपा 109 सीटों, जबकि कांग्रेस 9 सीटों और अन्य 4 सीटों पर आगे हैं। ऐसे में अगर भाजपा और आम आदमी पार्टी में किसी को बहुमत नहीं मिलता है तो एमसीडी में दो समीकरण बन सकते हैं।

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पहले भी मिला चुके हैं हाथ

साल 2014 में जब विधान सभा चुनाव हुए थे तो उस समय किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। उस वक्त आम आदमी पार्टी ने 28 सीटों के साथ कांग्रेस से हाथ मिलाया था। कांग्रेस को 8 सीटें मिली थीं। दोनों दलों ने मिलकर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। हालांकि वह सरकार 49 दिनों में ही गिर गई थी। और उसके बाद पूर्ण बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी। पुराने इतिहास को देखते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक बार फिर हाथ मिला सकते हैं।

भाजपा के पास क्या विकल्प

दूसरी तरफ ऐसे समीकरण भी बन सकते हैं जिसमें कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद सरकार भाजपा के साथ जा सकते हैं। क्योंकि इसके पहले भाजपा पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर गोवा में कांग्रेस के विद्रोही या सभी विधायकों का विलय भाजपा में कर चुकी है। ऐसी स्थिति में निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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