तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच मल्लिकार्जुन खरगे की पीएम मोदी को लेकर की गई टिप्पणी से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। भाजपा ने निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि मल्लिकार्जुन खरगे का बयान चुनावी आचार संहिता (Model Code of Conduct) का गंभीर उल्लंघन है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा न सिर्फ राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।
किन धाराओं का दिया हवाला
भाजपा ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं-175, 171/174 और 356(1) का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का बयान मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। इससे कांग्रेस पीएम मोदी की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने वाला की कोशिश है। साथ ही भाजपा ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की टिप्पणी निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है।भाजपा की सख्त कदम उठाने की मांग
भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया जाए और उनसे सार्वजनिक माफी मांगने या बयान वापस लेने को कहा जाए। पार्टी ने यह भी कहा है कि मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए, जरूरत पड़ने पर उनके चुनाव प्रचार पर पाबंदी लगाई जाए और मीडिया व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस बयान के प्रसार को तुरंत रोका जाए।क्या बोले थे मल्लिकार्जुन खरगे?
यह विवाद तब खड़ा हुआ जब तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मल्लिकार्जुन खरगे पत्रकारों से बात कर रहे थे। खरगे ने पेरियार, अंबेडकर और अन्नादुराई के आदर्शों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भाजपा की नीतियां, विशेष रूप से परिसीमन के संबंध में, न्याय और समानता के सिद्धांतों के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु के लोगों का भी धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमें सांसद दिए, इसी वजह से हम इस विधेयक के खिलाफ लड़ सके और इसे हरा सके। यह वैज्ञानिक सोच और पेरियार, डॉ. अंबेडकर, अन्नादुरई, महान कामराज और करुणानिधि के आदर्शों की भूमि है। ये लोग महिला आरक्षण, न्याय, समानता और बंधुत्व के लिए खड़े रहे। मोदी इन सिद्धांतों के लिए नहीं हैं और एक बात मैं और कहना चाहता हूँ कि एआईएडीएमके के लोग, जिन्होंने खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाई है, वे मोदी जैसे आतंकवादी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं,जो समानता में विश्वास नहीं करते,उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती और ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।”
बाद में सफाई भी दी
इसके बाद जब उनसे उनके शब्दों के चयन के बारे में पूछा गया, तो खरगे ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को "आतंकित" करते हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा,'वह (प्रधानमंत्री मोदी) लोगों और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं...मेरा मतलब यह है कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं। ईडी,आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके इशारों पर चलती हैं।"
