नीट (NEET) परीक्षा विवाद और हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए छात्रों के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए एक छात्र के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने सरकार के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान किसी पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
'तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर चली गोली'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र को अपने साथ बैठाया और कहा कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, "पैलेट गन कब लगी? जब मेरे भाई हिंदुस्तान का तिरंगा हाथ में लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार कहती है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, जबकि सच्चाई सबके सामने है।"
घायल छात्र की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, "इनका शारीरिक नुकसान हुआ है। मैं यह भी नहीं कह सकता कि इनकी आंख बचेगी या नहीं। हमारे देश के छात्रों को मारना बंद कीजिए।"
राहुल गांधी ने कहा कि हजारों युवाओं पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाई गईं, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें पीटा गया, जबकि वे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वे विरोध क्यों कर रहे थे? क्योंकि उनका परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए सालों तक कड़ी मेहनत की, लेकिन एक दिन उन्हें पता चला कि पेपर लीक हो गया है। जिनके पास 60-70 लाख रुपये थे, वे प्रश्न-पत्र खरीद सकते थे, जबकि बाकी लोग परेशानी झेलने को मजबूर थे। लाखों युवाओं के साथ ऐसा हुआ है।
