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Bihar Election: जहां थी 2020 में कांटे की टक्कर, वहां SIR के दौरान काटे गए 23 लाख महिलाओं के नाम- कांग्रेस का दावा

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर, निर्वाचन आयोग बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर ‘‘बड़े पैमाने पर धांधली’’ कर रहा है।

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कांग्रेस नेता अलका लांबा (फोटो- Congress)

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर निर्वाचन आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से लगभग 23 लाख महिलाओं के नाम हटा दिए हैं। कांग्रेस का दावा है कि ये नाम लोकसभा चुनाव के दौरान थे, लेकिन अब वोटर लिस्ट में नहीं है।

"कांटे की सीटों पर असर डालने की साजिश"

कांग्रेस का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें से अधिकतर महिलाएं उन 59 विधानसभा सीटों से हैं, जहां 2020 के चुनाव में बेहद कड़ा मुकाबला हुआ था। पार्टी का आरोप है कि यह कदम सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “बिहार में लगभग 3.5 करोड़ महिला मतदाता हैं, लेकिन इनमें से करीब 23 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह संविधान के खिलाफ है और चुनावी धांधली का स्पष्ट उदाहरण है।” उन्होंने दावा किया कि इन महिलाओं ने 2024 लोकसभा चुनाव में वोट डाला था, इसलिए सवाल उठता है कि क्या उस समय उनके वोट "फर्जी" थे? अगर नहीं, तो अब अचानक ये नाम कैसे गायब हो गए?

किन जिलों से सबसे ज्यादा नाम हटे?

लांबा के अनुसार, सबसे ज्यादा नाम हटाए जाने वाले जिले गोपालगंज, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, भोजपुर और पूर्णिया हैं। इन छह जिलों में ही लगभग 60 विधानसभा सीटें आती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम 2020 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें, तो यहां ‘इंडिया’ गठबंधन दलों ने 25 सीटें जीती थीं, जबकि राजग को 34 सीटें मिलीं और कांटे का मुकाबला देखने को मिला था।’’

पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर ज्यादा असर

कांग्रेस का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण में कुल 22.7 लाख महिलाओं और लगभग 15 लाख पुरुषों के नाम हटाए गए हैं। यानी इस कार्रवाई से महिलाओं को ज्यादा नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने इसे “वोट चोरी” करार देते हुए देशभर में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। पार्टी का लक्ष्य है कि 5 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठे कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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