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Bihar Election: इन 15 सीटों पर सबकी नजर, पिछले चुनाव में काफी कम रहा था हार-जीत का अंतर

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मंगलवार 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। 14 नवंबर को किसे बहुमत मिलता है, इसके बाद सबसे ज्यादा नजर इन 15 सीटों पर होगी, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर काफी कम था।

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विधानसभा चुनाव 2020 की वो 15 सीटें, जिन पर जीत-हार का अंतर सबसे कम रहा

बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को सम्पन्न हो चुका है। दूसरे चरण के तहत कल यानी मंगलवार 11 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में 121 पर मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण के तहत 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। पिछले कुछ विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी महागठबंधन के बीच ही है। NDA में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड मुख्य पार्टियां हैं, जबकि महागठबंधन में RJD, कांग्रेस और वाम दल सहित कई पार्टियां शामिल हैं। उधर पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार मजबूती से चुनाव लड़ रही हैं। सभी गुणा-भाग के बीच नजर उन 15 सीटों पर है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर सबसे कम था।

पिछले विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं

सबसे कम मार्जिन की जीत-हार पर बात करने से पहले विधानसभा चुनाव 2020 के रिजल्ट पर एक नजर डालें, तो इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे ज्यादा 75 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि महागठबंधन में RJD की सहयोगी कांग्रेस को 19 सीटों पर और सीपीआई (एमएल) को 12 सीटों पर जीत मिली थी। उधर NDA खेमे में भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा 74 सीटें मिली थीं, जबकि जेडीयू को 43 सीटों पर जीत मिली थी। राज्य में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए किसी भी पार्टी का गठबंधन को 122 सीटों की जरूरत होती है। इन प्रमुख पार्टियों के अलावा AIMIM को 5, हिंदुस्तानी आवामी मार्चा को 4, विकासशील इंसान पार्टी को भी 4 सीटों पर जीत मिली थी। सीपीआई और सीपीएम को 2-2 सीटों पर सफलता मिली थी।

सबसे कम वोटों से हार-जीत का फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव में तीन सीटों पर हार-जीत का फासला 200 वोट से कम था। राज्य में 9 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जिन पर जीत-हार का अंतर 1000 वोट से कम था। अगर बात करें सबसे कम अंतर के जीत की तो बता दें कि बिहार की एक सीट पर जीत-हार का अंतर मात्र 12 वोट का था। राज्य की हिलसा विधानसभा सीट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रत्याशी कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) उम्मीदवार अत्री मुनी उर्फ शक्ति सिंह यादव को मात्र 12 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। विधानसभा चुनाव 2020 में दोनों ही प्रत्याशियों को 37.35 फीसद वोट मिले थे। इस बार दोनों उम्मीदवार एक बार फिर आमने-सामने हैं और सबकी नजर इस सीट के रिजल्ट और जीत के मार्जिन पर रहेगी।

बरबीघा सीट पर जीत का अंतर 113 वोट था और यहां पर JDU उम्मीदवार सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी गजानंद शाही को हराया था। जबकि रामगढ़ विधानसभा सीट से RJD प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने BSP कैंडिडेट अंबिका सिंह को 189 वोटों से मात दी थी। भोरे विधानसभा सीट पर JDU उम्मीदवार सुनील सिंह ने (CPI(ML)(L)) प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को 462 वोटों से हराया था।

ये हैं सबसे कम वोटों के अंतर से जीत-हार वाली सभी 15 सीटें

S. No.विधानसभा क्षेत्रविजेता पार्टीजीत का अंतर (वोटों में)जीत का अंतर (%)
1हिलसाजेडीयू120.01%
2बरबीघाजेडीयू1130.09%
3रामगढ़राजद1890.11%
4भोरेजेडीयू4620.25%
5देहरीराजद4640.30%
6बछवाड़ाभाजपा4840.27%
7चकईनिर्दलीय5810.31%
8कुढ़नीराजद7120.36%
9परबत्ताजेडीयू9510.51%
10भागलपुरकांग्रेस1,1130.69%
11सिवानराजद1,9731.16%
12महाराजगंजकांग्रेस1,9761.22%
13रानीगंजजेडीयू2,3041.24%
14बेल्हारजेडीयू2,4731.35%
15बाजपट्टीराजद2,7041.52%

हार-जीत का सबसे बड़ा अंतर

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सबसे कम वोटों के अंतर से जीत-हार के बारे में तो जान लिया। चलिए अब जानते हैं पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों और उनकी सीटों के बारे में -

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सबसे बड़ी जीत CPI(ML)(L) के उम्मीदवार मनोज मंजिल ने दर्ज की थी। मनोज मंजिल ने अगिआंव (AGIAON) सीट पर 48 हजार, 550 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। मनोज मंजिल ने अपने प्रतिद्वंद्वी से 34.53 फीसद वोट अधिक हासिल किए थे।

सबसे ज्यादा वोट किस उम्मीदवार को मिले

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सबसे ज्यादा वोट कहलगांव से भाजपा उम्मीदवार पवन कुमार यादव को मिले। उन्हें कुल 1 लाख, 15 हजार, 538 वोट मिले। जबकि 1 लाख, 4 हजार, 625 वोट हासिल करके कोढ़ा से भाजपा उम्मीदवार कविता देवी दूसरे नंबर पर रहीं। बलरामपुर से CPI(ML)(L) प्रत्याशी महबूब आलम को 1 लाख, 4 हजार, 489 वोट मिले और सबसे ज्यादा वोट के मामले में वह तीसरे नंबर पर रहे। इन तीनों के अलावा सहरसा से भाजपा प्रत्याशी आलोक रंजन (1,03,538), अररिया से कांग्रेस उम्मीदवार आबिदउर रहमान (1,03,054), आलमनगर से JDU प्रत्याशी नरेंद्र नारायण यादव (1,02,517) और फारबिसगंज से भाजपा उम्मीदवार विद्या सागर केसरी (1,02,212) वो उम्मीदवार रहे, जिन्हें 1 लाख से ज्यादा वोट मिले।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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