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Dhoraiya Assembly Election 2025: RJD ने बदला चेहरा तो JDU ने दोहराया भरोसा, धोरैया सीट पर कैसा होने वाला है चुनावी मुकाबला

Dhoraiya Assembly Constituency (धोरैया विधानसभा सीट): धोरैया विधानसभा सीट बांका जिले की एक खास सीट है, यहां इस बार मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। इतिहास गवाह है कि यह सीट किसी एक पार्टी का स्थायी गढ़ नहीं रही है और यही अनिश्चितता हर चुनाव में इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना देती है। आइए जानते हैं क्या है धोरैया का चुनावी समीकरण।

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क्या है धोरैया सीट का समीकरण

Photo : Times Now Digital

Dhoraiya Assembly Constituency (धोरैया विधानसभा सीट): बिहार के बांका जिले की धोरैया विधानसभा सीट इस बार फिर से सियासी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। धोरैया और राजौन प्रखंडों को मिलाकर बनी यह सीट अपने ऐतिहासिक, धार्मिक और राजनीतिक महत्व के कारण पूरे जिले में खास पहचान रखती है।

धोरैया का राजनीतिक इतिहास

धोरैया विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास बताता है कि यहां की जनता ने कभी किसी एक पार्टी को लगातार प्राथमिकता नहीं दी। 1951 में इस सीट की स्थापना के बाद अब तक 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें कांग्रेस, सीपीआई और जदयू (समता पार्टी सहित) ने पांच-पांच बार जीत दर्ज की है। 1969 में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की थी।

इस बार कैसा है चुनावी हाल

2020 के विधानसभा चुनाव में राजद ने पहली बार इस सीट पर कब्जा जमाया था। भूदेव चौधरी ने जदयू के मनीष कुमार को हराकर इस सीट पर राजद का झंडा फहराया था। इस बार जदयू ने मनीष कुमार पर फिर से भरोसा जताया है, जबकि राजद ने भूदेव चौधरी की जगह त्रिभुवन प्रसाद को टिकट दिया है। जन स्वराज पार्टी से सुमन पासवान मैदान में हैं।

रहा है JDU का दबदबा

राजनीतिक रूप से देखा जाए तो जदयू का इस क्षेत्र में लम्बे समय तक दबदबा रहा है। हालांकि 2020 में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इससे पहले वह लगातार पांच चुनाव जीत चुकी थी। 2024 लोकसभा चुनाव में भी एनडीए उम्मीदवार को यहां बढ़त मिली थी। ऐसे में इस बार भी NDA के पक्ष में माहौल माना जा रहा है।

धोरैया में कब होंगे चुनाव (Dhoraiya Election Date)

नोटिफिकेशन की तारीख13 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख20 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख21 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख23 अक्टूबर 2025
मतदान11 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

धोरैया का धार्मिक महत्व

धोरैया की धार्मिक पहचान भी बेहद समृद्ध है। यहां का धनकुंड नाथ महादेव मंदिर स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसका इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना बताया जाता है। माना जाता है कि मुगल काल में भी यह मंदिर एक प्रसिद्ध पूजा स्थल था और आज भी इसके स्थापत्य में उस युग के अवशेष देखे जा सकते हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में स्थित प्राचीन काली मंदिर, राजौन के धनसार गांव का दुर्गा मंदिर और बटसार का दुर्गा बाजार मंडप धार्मिक रूप से अत्यंत प्रसिद्ध हैं। बताया जाता है कि दुर्गा बाजार की पूजा परंपरा बनारस शैली पर आधारित है और 1970 के दशक से इसकी ख्याति बिहार और झारखंड तक फैली हुई है। भौगोलिक रूप से धोरैया उपजाऊ क्षेत्र है। इसके आसपास आधा दर्जन नदियां बहती हैं, जिससे यहां की भूमि कृषि के लिए अनुकूल बन गई है। यही कारण है कि इस इलाके की अर्थव्यवस्था आमतौर पर खेती-किसानी पर निर्भर है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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