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Belhar Assembly Constituency 2025: ‘यादव भूमि’ में फिर जेडीयू-राजद की टक्कर, क्या है बेलहर सीट का समीकरण?

Belhar Assembly Constituency (बेलहर विधानसभा सीट): बांका जिले की बेलहर विधानसभा सीट 2025 में फिर से रोचक मुकाबले का केंद्र बन गई है। यादव मतदाता यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिनकी संख्या 30% से अधिक है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा है। जानें कैसा है बेलहर सीट का चुनावी समीकरण।

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क्या है बेलहर सीट का समीकरण

Photo : Times Now Digital

Belhar Assembly Constituency (बेलहर विधानसभा सीट): बांका जिले की बेलहर विधानसभा सीट इस बार एक बार फिर से दिलचस्प मुकाबले का केंद्र बन गई है। 1962 में स्थापित यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें बेलहर, फुल्लीडुमर और चांदन तीन प्रमुख प्रखंड शामिल हैं। यह क्षेत्र न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भौगोलिक रूप से बेलहर उपजाऊ भूमि वाला क्षेत्र है। हरिगढ़ और त्रिवेणी नदियों की उपस्थिति यहां की मिट्टी को खेती के लिए अनुकूल बनाती है। स्थानीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि ही है। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक बेलडीहा मोर स्थित दुर्गा मंदिर यहां की सांस्कृतिक पहचान है। सावन के महीने में सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाली कांवड़ यात्रा का 64 किलोमीटर लंबा हिस्सा बेलहर से होकर गुजरता है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी खास बन जाता है।

‘यादव भूमि’ का चुनावी समीकरण

बेलहर को अक्सर ‘यादव भूमि’ कहा जाता है। यहां यादव समुदाय कुल पंजीकृत मतदाताओं का करीब 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखता है और अब तक आठ बार यादव विधायक चुने जा चुके हैं। इसके अलावा मुस्लिम, राजपूत और रविदास समुदाय के मतदाता भी यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अनुसूचित जातियों की भागीदारी 13.43 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों की 7.79 प्रतिशत, और मुस्लिम मतदाताओं की 5.5 प्रतिशत है।

राजनीतिक इतिहास

बेलहर अब तक 16 विधानसभा चुनावों का साक्षी रह चुका है। कांग्रेस और जनता दल (यूनाइटेड) ने चार-चार बार, आरजेडी ने तीन बार, संयुक्त समाजवादी पार्टी ने दो बार, जबकि जनता पार्टी, जनता दल और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। 1990 के दशक के बाद कांग्रेस का प्रभाव इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गया और 2000 के बाद से यह सीट जेडीयू और आरजेडी के बीच राजनीतिक संघर्ष का मैदान बन गई।

2020 का चुनाव और फिलहाल का समीकरण

2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के मनोज यादव ने आरजेडी के वरिष्ठ नेता रामदेव यादव को 2,473 वोटों के अंतर से हराया था। रामदेव यादव चार बार विधायक रह चुके हैं, जबकि बांका के मौजूदा सांसद गिरधारी यादव भी बेलहर से दो बार विधायक रह चुके हैं। 2025 के चुनाव में एक बार फिर मुकाबला जेडीयू और आरजेडी के बीच सिमटता दिख रहा है। जेडीयू ने फिर से मनोज यादव पर भरोसा जताया है, जबकि आरजेडी ने चाणक्य प्रकाश रंजन को टिकट दिया है। जन स्वराज पार्टी से बृज किशोर पंडित भी मैदान में हैं, जो मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकते हैं।

बेलहर में कब होंगे चुनाव (Belhar Election Date)

नोटिफिकेशन की तारीख13 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख20 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख21 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख23 अक्टूबर 2025
मतदान11 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

किसका पलड़ा भारी?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भी यादव वोटर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। जेडीयू को सत्ता विरोधी लहर और जातीय समीकरण दोनों को संतुलित करना होगा, जबकि आरजेडी अपने पुराने गढ़ को फिर से हासिल करने की कोशिश में है। बेलहर विधानसभा न केवल बांका जिले की बल्कि पूरे अंग क्षेत्र की राजनीति में केंद्रीय भूमिका रखती है। यहां का परिणाम अक्सर जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों के राजनीतिक रुझान को भी प्रभावित करता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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