Barari Assembly Constituency Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने 243 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसी में कटिहार जिले की बरारी विधानसभा सीट भी शामिल है। यह सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह कटिहार लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस विधानसभा में बरारी, समेली और कुरसेला सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, बरारी क्षेत्र कोसी नदी के किनारे है, जिससे यहां धान, गेहूं और केले की खेती बहुतायत मात्रा में होती है। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है। हालांकि, कम भूमि-स्वामित्व और सीमित रोजगार अवसरों के कारण यहा से लोग दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की ओर मौसमी पलायन करते नजर आते हैं।
बरारी सीट पर 17 वीं बार होगा चुनाव
साल 1957 में स्थापित बरारी विधानसभा सीट पर अब 17 वीं बार चुनाव होना है। शुरुआती सात में से पांच बार कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की, जिसमें अंतिम जीत 1980 में हुई। इसके बाद से यहां का मतदाता लगातार विभिन्न दलों के विधायक को मौका देता रहा। यहां से भाजपा और राजद ने दो-दो बार, जबकि सीपीआई, जनता पार्टी, लोकदल, जनता दल, एनसीपी, जदयू और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत दर्ज की है।
1969 में सीपीआई के प्रत्याशी के रूप में मोहम्मद साकूर ने कांग्रेस के वर्चस्व को तोड़ा, फिर 1972 में कांग्रेस से चुनाव जीतकर आए और 2005 में एनसीपी से जीत हासिल की। वहीं, मंसूर आलम ने 1985 में लोकदल, 1995 में जनता दल और 2000 में राजद के टिकट पर जीत कर सत्ता का सुख भोगा।
रारी विधानसभा सीट पर कितने मतदाता
2020 के विधानसभा चुनाव में बरारी में 2,71,982 मतदाता रजिस्टर्ड थे, जो साल 2024 लोकसभा चुनाव तक बढ़कर 2,82,738 हो गए। 2020 में अनुसूचित जातियों (SC) के मतदाता लगभग 23,796 (8.75%) थे, जबकि अनुसूचित जनजातियों (ST) के 9,821 (3.61%) थे। इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता की संख्या करीब 81,108 (29.80%) है। बावजूद इसके बरारी की जनता ने 16 में से 10 बार हिंदू विधायकों को विधानसभा तक पहुंचाया। अभी तक मोहम्मद साकूर और मंसूर आलम ही दो मुस्लिम नेता रहे हैं जिन्होंने मिलकर छह बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।
बिहार की बरारी विधानसभा सीट से साल 2020 के चुनाव में जेडीयू के बिजय सिंह ने आरजेडी के नीरज कुमार को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। हालांकि, 2020 में जब सबसे कम मतदान हुआ, तब भी यह प्रतिशत 67.24 रहा, जो बिहार के औसत 58.70 प्रतिशत से काफी ऊपर था। 2015 में राजद के नीरज कुमार ने बीजेपी के विभाश चंद्र चौधरी को 14,336 वोटों से शिकस्त दी थी। हालांकि, 2024 में इंडिया गठबंधन की ओर से कांग्रेस के तारिक अनवर ने कटिहार सीट पर जीत हासिल की।
