बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को मतदान होगा। इस चरण की कई VIP सीटों में से एक काराकट भी है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से रोहतास जिले में आने वाली इस सीट का नंबर 213 है। परिसीमन के बाद बनी इस सीट पर साल 1967 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे।
काराकट विधानसभा सीट को वैसे तो वामदलों का गढ़ माना जाता है। लेकिन इस बार यहां मुकाबला काफी रोचक हो गया है। भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह यहां से चुनाव लड़ रही हैं। ज्योति सिंह ने काराकट सीट से निर्दलीय पर्चा भरा है। 12वीं पास ज्योति सिंह के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास कुल 18 लाख की संपत्ति है। उनके खिलाफ किसी तरह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
काराकट विधानसभा सीट के प्रमुख उम्मीदवार कौन-कौन हैं?
- अरुण सिंह - सीपीआई (एमएल) (एल)
- महाबली सिंह - जेडीयू
- योगेंद्र सिंह - जन सुराज पार्टी
- बंदना राज - बसपा
- ज्योति सिंह - निर्दलीय
काराकट विधानसभा सीट के लिए मतगणना कब होगी?
काराकट विधानसभा सीट के लिए भी बिहार की अन्य सीटों की तरह 14 नवंबर को ही मतगणना होगी।
रोहतास जिले की काराकट सीट को वामपंथ की गढ़ कहा जाता है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में सीपीएम उम्मीदवार अरुण सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र राज को उस समय भारी मतों से हराया था। 2015 के विधानसभा चुनावों में RJD ने संजय यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। संजय यादव ने भाजपा के राजेश्वर राज को 12 हजार से ज्यादा मतों से हराया था। हालांकि, 2010 के चुनाव में राजेश्वर राज ने यहां पर जीत दर्ज की थी। अक्टूबर 2005 में भाकपा (माले) के प्रत्याशी अरुण सिंह ने लगातार तीसरी बार यहां पर जीत दर्ज की थी।
काराकट सीट पर तुलसी सिंह यादव पांच बार विधायक रहे और वह पार्टी बदलते रहे, लेकिन जीत उनकी ही होती थी। वह पहली बार 1967 में यहां से संसोपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। 1968 में भी संसोपा की टिकट पर जीते। 1980 में जनता पार्टी (सेक्युलर) औ 1990 व 1995 में जनता दल के टिकट पर काराकट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इस सीट पर सबसे ज्यादा 4 बार वाम दलों के उम्मीदवार अरुण सिंह ने जीत दर्ज की है।
