इलेक्शन

बेगूसराय पहुंची टाइम्स नाउ नवभारत की 'इलेक्शन यात्रा', कैसा है चुनावी माहौल...क्या सोच रही है वहां की जनता?

Bihar Assembly Election 2025: टाइम्स नाउ नवभारत की 'इलेक्शन यात्रा' 22 अक्टूबर यानी बुधवार को बेगूसराय पहुंची, जो कभी बिहार की वित्तीय राजधानी के रूप में मशहूर था...

Image

बेगूसराय पहुंची टाइम्स नाउ नवभारत की 'इलेक्शन यात्रा'

Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में सियासी पारा बेहद गर्म हो गया है। बिहार में मचे इस सियासी घमासान के बीच टाइम्स नाउ नवभारत की 'इलेक्शन यात्रा' (Election Yatra) 22 अक्टूबर यानी बुधवार को बेगूसराय पहुंची, जो कभी बिहार की वित्तीय राजधानी के रूप में मशहूर था...यहां क्या चुनावी माहौल है और लोग इस चुनाव के बारे में क्या सोच रहे हैं, इस मिजाज को टाइम्स नाउ नवभारत के राकेश पांडे ने पकड़ा

बिहार के सियासी समर में चुनावी वादों और दावों के शोर के बीच इलेक्शन यात्रा बेगूसराय पहुंची। बेगूसराय के चुनावी मुद्दे क्या हैं..जनता का पॉलिटिकल मूड कैसा है, इस बार वो सत्ता पर किसे बैठाएगी यह बड़ा सवाल है।

दरअसल महागठबंधन में CM फेस और सीटों को लेकर खींचतान अबतक जारी है..फ्रेंडली फाइट के हालात को दूर करने की कोशिश में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरू की लालू-तेजस्वी से भी मिले..लेकिन उनके बयानों से लगता है कि सीटों का रगड़ा सुलझाने में उन्हें नाकामी ही हाथ लगी.. 243 सीटें हैं बिहार में..अब 243 सीटों में से 5-10 सीटों पर लोकल मुद्दे भी होते हैं, कैंडिडेट का परसेप्शन भी होता है..और फ्रेंडली फाइट हो सकती है...

क्या कांग्रेस-RJD की खींचतान चुनावी नतीजों में भी दिखेगी?

अब सियासी गलियारे में यही सवाल तैर रहा है कि क्या कांग्रेस-RJD की खींचतान चुनावी नतीजों में भी दिखेगी? महागठबंधन की जो महाकलह अबतक खत्म नहीं हुई..क्या गारंटी है कि वो कल खत्म हो जाए? इन सवालों पर बिहार की जनता क्या सोचती है? ये जानने के लिए सीधे चलते हैं बेगूसराय की जनता के बीच...

महागठबंधन में ही सीएम फेस पर क्लेश बढ़ता जा रहा है

तेजस्वी भले ही नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री नहीं बनने का दावा कर रहे..लेकिन उनके महागठबंधन में ही सीएम फेस पर क्लेश बढ़ता जा रहा है..अब तो निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने खुल कर कह दिया कि 'राहुल गांधी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ने से महागठबंधन को फायदा पहुंचेगा..और तेजस्वी महागठबंधन के CM फेस नहीं हैं.. ये लड़ाई एक तरफ नरेंद्र मोदी का चेहरा है और एक तरफ राहुल गांधी का चेहरा है..नीतीश कुमार भी मुख्यमंत्री के चेहरे नहीं हैं..और मेरे ख्याल से हमारे तरफ से भी कोई मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होगा..नहीं रहना चाहिए'

एक ओर महागठबंधन में सीएम फेस पर घमासान मचा है..तो दूसरी ओर तेजस्वी वादों की बौछार कर रहे..आज भी 4 बड़े ऐलान किए-

संविदा कर्मचारियों को स्थाई करेंगे

MAA और BETI योजना लॉन्च करेंगे

2 लाख जीविका दीदी परमानेंट होंगी

उनकी सैलरी 10 हजार से 30 हजार कर देंगे

दरअसल कई BJP शासित राज्यों में महिला सशक्तिकरण की योजनाएं वेलफेयर पॉपुलिज्म का हथियार बनीं..

मध्य प्रदेश में लाडली बहन योजना गेमचेंजर साबित हुई

लाडकी बहिन योजना से महाराष्ट्र चुनाव में BJP को रिकॉर्ड जीत मिली

दिल्ली चुनाव में भी BJP ने 'महिला समृद्धि योजना' का वादा किया और सत्ता में आई

तो क्या इसी से सबक लेकर तेजस्वी भी माई-बहन योजना के ऐलान के बाद अब जीविका दीदियों पर सियासी दांव चल रहे..लेकिन सवाल ये भी वोटबैंक को एकजुट करने में जुटे तेजस्वी महागठबंधन को एकजुट क्यों नहीं रख पा रहे...

चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आयेंगे

बिहार की सभी 243 सीट पर दो चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article