UP Chunav Exit Polls: एग्जिट पोल में पिछड़ गई सपा, क्या कहते हैं जानकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 8, 2022, 08:55 AM IST

एग्जिट पोल के मुताबिक यूपी में एक बार फिर योगी सरकार बनने जा रही है। यहां पर जानकारों की राय पेश करेंगे कि आखिर समाजवादी पार्टी क्यों पिछड़ रही है।

UP Chunav Exit Polls: एग्जिट पोल में पिछड़ गई सपा, क्या कहते हैं जानकार

औपचारिक नतीजों के ऐलान से पहले एग्जिट पोल के नतीजे सामने हैं। बात यहां देश के सबसे बड़े सूबों में से एक यूपी की करेंगे। एक एग्जिट पोल को छोड़ दें ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी की सीट संख्या 225 से लेकर 255 तक आ रही है। इन नतीजों से एक बात तो साफ है कि बीजेपी एक बार फिर यूपी में सरकार बना रही है। लेकिन उसे 2017 की टैली से नुकसान हो रहा है। समाजवादी पार्टी को बढ़त है लेकिन वो 202 के आंकड़े से काफी पीछे है। 

फेज 1 में बीजेपी को 31 सीट

बीजेपी को पहले चरण में 31 सीट, सपा गठबंधन को 23 सीट, बीएसपी को 1 सीट मिलती नजर आ रही है। यह वो चरण है जिसमें किसान आंदोलन का असर था। अगर बीजेपी की सीट संख्या पर नजर डालें तो 2017 की तुलना में कमी आई है।

फेज 2 में बीजेपी को 31 सीट

फेज 2 के चुनाव में भाजपा गठबंधन को 31, सपा गठबंधन को 20, बसपा के दो और कांग्रेस को दो सीटें मिलती दिख रही है। इस चरण में सीटों की संख्या को देखें तो सपा गठबंधन से जिस अंदाज में टक्कर मिलने की उम्मीद थी वो मिलती नजर नहीं आ रही है।

फेज 3 में बीजेपी को 32 सीट
फेज 3 में बीजेपी को  32 सीट, सपा गठबंधन को 23, बीएसपी 1, कांग्रेस 2, अन्य 1 सीटें मिली है। यह फेज यादवलैंड के नाम से विख्यात मैनपुरी, एटा, इटावा औरैया से संबंधित था। इस फेज में सपा गठबंधन ने बीजेपी को टक्कर दी है लेकिन बीजेपी यहां भी आगे। 2017 से तुलना करें तो सपा गठबंधन बेहतर नतीजे ला रही है।

फेज 4 में बीजेपी को 38 सीट
चौथे फेज में भाजपा गठबंधन को 38, सपा गठबंधन को 18, बसपा को 1 और कांग्रेस को एक सीट मिलती दिख रही है। यह फेज मध्य यूपी से संबंधित था। इस फेज में बीजेपी को नुकसान जरूर हुआ है लेकिन समाजवादी पार्टी उस हद तक नुकसान नहीं पहुंचा पाई है जिसकी उम्मीद अखिलेश .यादव के रणनीतिकारों को थी।

फेज 5 में बीजेपी को 30 सीट
पांचवें फेज में भाजपा गठबंधन को 30, सपा गठबंधन को 20, बसपा को 2, कांग्रेस की एक सीट मिलती दिख रही है। यह फेज सेंट्रल यूपी से जुड़ा हुआ था। इस चरण में बीजेपी को नुकसान जरूर हो रहा है। लेकिन चौथे चरण की तरह यहां भी एसपी गठबंधन बड़े पैमाने पर नुकसान कर पाने में नाकाम रही है। 

फेज 6 में बीजेपी को 29 सीट
छठवें चरण में भाजपा गठबंधन को 29, सपा गठबंधन को 24, बसपा को तीन और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है। यह चरण योगी आदित्यनाथ के इलाके से जुड़ा है। सीटों की संख्या से अनुमान लगाया जा सकता है कि इस चरण में सपा गठबंधन की तरफ से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली है। 

फेज 7 में बीजेपी को 26 सीट
सातवें चरण में भाजपा गठबंधन को 26 सीटें सपा गठबंधन को 23 सीटें, बसपा को चार सीटें मिलती दिख रही हैं। इस चरण में बीजेपी को सपा गठबंधन की तरफ से कड़ी टक्कर मिली है। फेज 6 और सात को देखें तो इन दोनों चरणों में बीजेपी को कड़ी टक्कर मिलती नजर आ रही है। 

क्या कहते हैं जानकार

जानकारों का कहना है कि अगर इन नतीजों को अंतिम नतीजा मान लिया जाए तो समाजवादी पार्टी के लिए मंथन की जरूरत है।बंद कमरे में मंथन का नतीजा यह जरूर हुआ है कि अखिलेश यादव अपनी सीट संख्या बढ़ाने में कामयाब रहे हैं। लेकिन सरकार बनाने के आवश्यक आंकड़े से पीछे हैं। समाजवादी पार्टी के वोट प्रतिशत में इजाफा हुआ है लेकिन बीजेपी के साथ अंतर बरकरार है। क्या समाजवादी पार्टी को पश्चिम यूपी में आरएलडी के साथ होने से फायदा नहीं मिला है। इस सवाल का जवाब यह है कि अगर उनको फायदा नहीं मिलता तो सीट की संख्या 100 के पार नहीं होती। 

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