UP Election Result 2022: यूपी में बाहुबली और उनके परिवारों का क्या है हाल, जानें कौन आगे-कौन पीछे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 10, 2022, 09:22 PM IST

UP Election Result 2022: यूपी में किसकी सरकार बनेगी इसकी तस्वीर अब साफ हो गई। भाजपा एक बार फिर से सरकार बनाने जा रही है। इन चुनावों में बाहुबलियों का मुद्दा पूरी तरह से छाया रहा है।

UP Election Result 2022: यूपी में बाहुबली और उनके परिवारों का क्या है हाल, जानें कौन आगे-कौन पीछे
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UP Election Result 2022: यूपी में जैसे-जैसे काउंटिग के राउंड पूरे हो रहे हैं, वैसे-वैसे चुनावों की तस्वीर साफ होती जा रही है। यूपी में हमेशा से बाहुबलियों का राजनीति में बोलबाला रहा है। इस बार भी कई दलों से यह बाहुबली मैदान में थे। आइए जानते बाहुबलियों का क्या हाल है..

राजा भैया - जीते

प्रतापगढ़ के कुंडा सीट से बाहुबली राजा भैया जीते, बाबागंज सीट पर उनकी पार्टी ने लहराया परचम, वह 1993 से लगातार यहां से जीत हासिल करते आए हैं।  पिछले बार वह निर्दलीय  उम्मीदवार के रूप में जीत कर आए थे। इस बार वह जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) पार्टी से उम्मीदवार है। सपा गठबंधन ने कभी राजा भैया के खास रहे गुलशन यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि भाजपा ने सिंधुजा मिश्रा और बसपा ने मोहम्मद फहीम को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने योगेश कुमार को मैदान में उतारा है।

धनंजय सिंह- हारे

मल्हनी सीट से सपा प्रत्याशी लकी यादव ने जदयू से मैदान में उतरे धनंजय सिंह को 16711 मतों से पछाड़ दिया है।जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट इस बार बाहुबली धनंजय सिंह की  उम्मीदवारी से चर्चा में है। वह जद (यू) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ भाजपा ने कृष्ण प्रताप सिंह और सपा ने लकी यादव को मैदान में उतारा है। जबकि बसपा ने शैलेंद्र यादव और कांग्रेस ने पुष्पा शुक्ला को टिकट दिया है। 

विजय मिश्रा- हारे

भदोही जिले की ज्ञानपुर सीट पर विजय मिश्रा तीसरे स्थान पर रहे, निषाद पार्टी के विपुल दुबे ने चुनाव जीत लिया। भदोही जिले की ज्ञानपुर सीट पर विजय मिश्रा प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट से प्रत्याशी हैं। वह आगरा जेल में बंद है। और वहीं से चुनाव लड़ रहे हैं उनका पूरा चुनाव प्रचार उनकी पत्नी रामलली और बेटी रीमा मिश्रा ने संभाला। उनके खिलाफ सपा के राम किशोर बिंद और  निषाद पार्टी के विपुल दुबे मैदान में हैं।

अब्बास अंसारी - जीते

बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी है। मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी ने मऊ सदर सीट जीत ली है। अब्बास सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जिसका समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन है। अब्बास के खिलाफ भाजपा के अशोक कुमार सिंह मैदान में है। और बसपा ने भीम राजभर को प्रत्याशी बनाया है। जबकि कांग्रेस से माध्वेंद्र बहादुर सिंह को मैदान में उतारा है।

अभय सिंह -जीते

अयोध्‍या जिले की गोसाईगंज सीट बीजेपी हार गई है, समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे बाहुबली अभय सिंह ने बीजेपी की उम्मीदवार और बाहुबली खब्‍बू तिवारी की पत्‍नी आरती तिवारी  को हरा दिया। अयोध्या जिले की गोसाईगंज सीट पर अभय सिंह सपा के टिकट से चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। उनके खिलाफ भाजपा बाहुबली खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी को मैदान में उतारा है।

अमन मणि त्रिपाठी-पीछे

महाराजगंज  की नौतनवा सीट पर बाहुबली अमरमणि के बेटे अमनमणि इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में है। पिछली बार वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे। सपा ने यहां से कौशल सिंह , निषाद पार्टी के ऋषि मैदान में हैं। 

विनय शंकर तिवारी- पीछे

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर और उसके आस-पास के क्षेत्र में सेंध लगाने के लिए ब्राह्मण वोटरों में सेंध लगाने के लिए पूर्वांचल के बाहुबली हरिशंकर तिवारी के परिवार को साथ में लिया है। हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी इस बार सपा के टिकट से चिल्लूपार में चुनावी मैदान में हैं। विनय शंकर तिवारी बसपा से सपा में शामिल हुए हैं। उनके खिलाफ भाजपा के राजेश त्रिपाठी चुनावी मैदान में हैं। बसपा से राजेंद्र सिंह पहलवान और कांग्रेस से सोनिया शुक्ला मैदान में हैं।

कुणाल यादव- पीछे

बदायूं जिले की सहसवान सीट से बाहुबली डीपी यादव ने अपनी राष्ट्रीय परिवर्तन दल से अपने बेटे कुणाल यादव को उम्मीदवार बनाया है। उनके खिलाफ सपा ने ब्रिजेश यादव और बीजेपी ने डीके भारद्वाज को मैदान में उतारा है।

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