Kumar Vishwas ने फिर किया केजरीवाल पर हमला, बोले- वो खालिस्तान के खिलाफ नहीं बोलेगा क्योंकि.....

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 19, 2022, 09:57 PM IST

कुमार विश्वास इन दिनों अरविंद केजरीवाल पर लगातार हमला कर रहे हैं। पंजाब चुनाव के मतदान से ठीक पहले उन्होंने एक बार फिर आप सुप्रीमो केजरीवाल को निशाने पर लिया है।

Kumar Vishwas ने फिर किया केजरीवाल पर हमला, बोले- वो खालिस्तान के खिलाफ नहीं बोलेगा क्योंकि.....

Kumar Vishwas on Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया है। उन्होंने खालिस्तान के खिलाफ नहीं बोलने को लेकर केजरीवाल को चुनौती दी थी। कुमार विश्वास ने एक बार फिर कहा कि केजरीवाल खालिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि ऐसा करने से जिन्होंने उन पर निवेश किया है वो नाराज हो जाएंगे। पंजाब चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले दिए गए इस बयान से आम आदमी पार्टी फिर से असहज हो सकती है।

खालिस्तान के मुद्दे पर घेरा

एएनआई से बात करते हुए कुमार विश्वास ने कहा,'... इसका मतलब मैं जो पहले दिन बात कह रहा था वो सिद्ध हो गई। दूसरा वह (केजरीवाल) एक बार भी यह कहने को तैयार नहीं है कि मैं खालिस्तानी शक्तियों से लडूंगा, मैं आतंकवाद का विरोधी हूं, मैं आतंकवाद के खिलाफ हूं वो बोलेगा नहीं। क्योंकि बोलेगा तो जिन्होंने इनवेस्ट किया उसके अंदर वो नाराज हो जाएंगे। वो शक्तियां नाराज हो जाएंगी।'

केजरीवाल पर हमला

अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कुमार विश्वास ने कहा, 'एक कार्यक्रम के दौरान में एएनआई ने मुझसे एक बात पूछी थी और अचानक हिंदू सिख विवाद में, जो उसने जो बोने की कोशिश की है वहां, बनिया हूं, हिंदू खतरे में है, उसमें मेरे से एक बात निकल गई कुछ सेकेंड की, उस पर उनके लोगों ने रिएक्शन दिखाई। इससे ये सिद्ध हो गया कि मैं जो कह रहा था वो सच था। ना मैं चुनाव में हूं, ना किसी पार्टी में हूं ना प्रत्याशी हूं, ना मैंने इस्तीफा दिया और ना मैं निकाला गया। ना तो मैंने दिया और ना ही उसकी औकात थी। वो कैसे निकाल देता।'

पंजाब को लेकर दिया बड़ा बयान

अरविंद केजरीवाल को स्वराज के मुद्दे पर निशाने पर लेते हुए विश्वास ने कहा, 'हालांकि स्वराज वगैरह की तो उसने बत्ती लगा दी। अगले कुछ घंटों में पंजाब को यह बात तय करनी कि पंजाब एक ऐसे आदमी को जिसको मैं उससे ज्यादा जानता हूं, कि उसके झांसे में आकर 1984 से पहले वाली स्थिति में ले जाना चाहता है या शांति पूर्ण तरीके से किसी भी दल को जिताए जिससे संवैधानिक तरीके से सरकार चलती है, वैसे चले। अचानक उसके चेहेरे से पर्दा हट गया है।'

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