उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने इन छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी है। इससे पहले यह राशि 2,250 रुपये थी। इस फैसले से प्रदेश के करीब 38 लाख छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने छात्रवृत्ति बढ़ोतरी का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश के इतिहास में पहली बार
मंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2023-24 से प्रदेश में कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहा है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।
पहले छात्रवृत्ति का वितरण 31 मार्च को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन किया जाता था, लेकिन व्यवस्था में बदलाव करते हुए वर्ष 2025 से 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति वितरण शुरू कर दिया गया। अब तक करीब 20 लाख छात्रों को समय से पहले छात्रवृत्ति मिल चुकी है।
आय सीमा बढ़ी, ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ
सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए अभिभावकों की आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी है। इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पूर्वदशम (कक्षा 9–10) के छात्रों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी गई है। वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है।
दिव्यांगजन पेंशन और सुविधाओं में भी बढ़ोतरी
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से जुड़ी योजनाओं में भी बड़ा सुधार किया गया है। दिव्यांगजन पेंशन राशि को 1,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले यह राशि सिर्फ 300 रुपये थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर पांच गुना तक किया गया है। पेंशन मद में 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।
दिव्यांग छात्राओं की सुविधा के लिए 60 करोड़ रुपये की नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत उन्हें ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण की योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
चित्रकूट दिव्यांग विश्वविद्यालय अब राज्य सरकार के अधीन
मंत्री ने बताया कि दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट अब राज्य सरकार के अधीन आ चुका है। लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह विश्वविद्यालय प्रदेश में दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा और बौद्धिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगा।
