CBSE Class 10th Improvement Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 10वीं के नतीजे जारी करेगा, जिसके बाद बहुत से छात्र अपने अंकों में सुधार के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं। इम्प्रूवमेंट परीक्षा कोई भी ऐसा छात्र दे सकता है, जिसने पासिंग मार्क्स हासिल किए हैं। पहले यह मौका अगले साल मिलता था, लेकिन अब नियम बदल गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार, छात्रों को उसी साल यानी मई 2026 में ही दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधारने का मौका मिलेगा। CBSE ने इस साल से दो बोर्ड परीक्षा सिस्टम (Two Board Exam System) शुरू किया है। CBSE अब सभी छात्रों को मई 2026 की परीक्षाओं में अपना स्कोर बेहतर करने का एक और मौका देगा।
इंटरनल असेसमेंट में नहीं कर सकेंगे सुधार
हालांकि छात्रों को 10वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाओं में अपना रिजल्ट बेहतर करने का मौका मिलेगा, लेकिन छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इंटरनल असेसमेंट में परफॉर्मेंस बेहतर करने की कोई सुविधा नहीं है, क्योंकि यह पूरे साल चलने वाली प्रक्रिया है।
क्या हुआ बदलाव
- अब CBSE ने दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली शुरू की है।
- पहली परीक्षा के बाद छात्रों को दूसरी परीक्षा (मई 2026) में बैठने का मौका मिलेगा।
- इसमें छात्र अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं।
- लेकिन इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) के अंक नहीं बदले जा सकते, क्योंकि वह पूरे साल के प्रदर्शन पर आधारित होते हैं।
इम्प्रूवमेंट / दूसरी परीक्षा के लिए जरूरी शर्तें
- पहली बोर्ड परीक्षा में बैठना जरूरी है।
- छात्र साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और भाषाओं में से किसी 3 विषय में सुधार कर सकते हैं।
- अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में 3 या उससे ज्यादा विषयों में शामिल नहीं हुआ, तो वह दूसरी परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा।
- जिन छात्रों का रिजल्ट कम्पार्टमेंट आया है, वे भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।
- दूसरी परीक्षा में नए छात्रों का नाम नहीं जोड़ा जाएगा।
- विषय बदलने की अनुमति नहीं है (कुछ मामलों में गणित को छोड़कर)।
- छात्र की जानकारी (डेटा) में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
कौन छात्र दूसरी परीक्षा दे सकते हैं?
- जिन्होंने पहली परीक्षा में कम से कम 3 विषयों में परीक्षा दी हो।
- जो पास हैं और अपने अंक सुधारना चाहते हैं।
- जिनका कम्पार्टमेंट आया है।
- छठे विषय के आधार पर पास हुए छात्र।
- खेल या विशेष श्रेणी के छात्र (यदि बोर्ड ने अनुमति दी हो)।
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जो छात्र 3 या उससे ज्यादा विषयों में फेल हैं या परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए, वे इस परीक्षा में नहीं बैठ सकते। ऐसे छात्रों को अगले साल मुख्य परीक्षा देनी होगी।
पुराने नियम (पहले क्या होता था?)
- पहले छात्र अगले साल इम्प्रूवमेंट परीक्षा दे सकते थे।
- प्रैक्टिकल वाले विषय में सिर्फ थ्योरी परीक्षा देनी होती थी, पुराने प्रैक्टिकल अंक जोड़ दिए जाते थे।
- सुधार परीक्षा के बाद केवल अंक विवरण पत्र (Marksheet) मिलता था, जिसमें दोनों परीक्षाओं के अंक होते थे।
- इम्प्रूवमेंट देने वाला छात्र साथ में नया विषय नहीं ले सकता था।
अब CBSE ने छात्रों के लिए काम आसान कर दिया है। एक ही साल में दूसरा मौका मिल जाएगा। ज्यादा समय इंतजार नहीं करना पड़ेगा, लेकिन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
