What is NTA Printing Protocol: नीट परीक्षा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सीकर में पेपर लीक होने के मामले से लाखों छात्रों का भविष्य दाव पर लगा हुआ है। बता दें कि यहां परीक्षा से ठीक पहले छात्रों के पास गेस पेपर पहुंचने का दावा किया गया है। इस दावे के बाद से प्रश्नपत्र को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी सुरक्षा के बावजूद सेंधमारी कैसे हो जाती है। टेंडर डॉक्यूमेंट और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एनटीए का प्रिंटिंग प्रोटोकॉल किसी अभेद्य किले जैसा है। प्रिंटिंग प्रोसेस से लेकर पेपर तैयार होने तक और परीक्षा होने तक इसे कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाता है। इसे बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। आइए पेपर लीक के इन विवादों के बीच जानते हैं कि एनटीए का प्रिंटिंग के लिए प्रोटोकॉल क्या है।
प्रिंटिंग प्रेस का चयन और सख्त निगरानी
एनटीए एग्जाम के प्रश्नपत्र (Question Paper) की छपाई के लिए किसी भी साधारण प्रेस का चुनाव नहीं करता है। इसके लिए उच्च स्तरीय ऑडिट और कड़े सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है। एनटीए द्वारा कड़ी जांच के बाद चुनिंदा प्रेस को ही यह काम दिया जाता है, जहां कंपोजिंग से लेकर पैकेजिंग तक का हर कदम एनटीए के अधिकारियों की सीधी निगरानी में होता है। पूरे प्रेस परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। बता दें कि इन सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का पूरा बैकअप एक साल तक सुरक्षित रखा जाता है ताकि भविष्य में किसी भी संदेह की जांच की जा सके।
नो-नेटवर्क जोन
प्रिंटिंग के दौरान सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए प्रेस को 'नो-नेटवर्क जोन' में तब्दील कर दिया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी को लीक न किया जा सके। इन प्रिंटिंग प्रेस मे जैमर्स और बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल किया जाता है।
तकनीकी सुरक्षा कवच
हर प्रश्नपत्र के पन्ने पर एक यूनिक कोड और विशेष वॉटरमार्क होता है। यदि कोई पेपर की फोटो खींचने की कोशिश करता है, तो इस कोडिंग से तुरंत पता चल जाता है कि वह किस सेंटर और किस कमरे का पेपर है। पेपर डिजिटल एनक्रिप्टेड फॉर्म में आते हैं, जिन्हें डिकोड करना लगभग असंभव होता है।
बाहरी लोगों का प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी
प्रिंटिग प्रेस की सुरक्षा के लिए हर गेट पर विशेष गार्ड्स तैनात किए जाते हैं और काम के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होता है। यहां तक कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी मोबाइल फोन या कैमरा ले जाने की इजाजत नहीं होती। इसके अलावा, छपाई के दौरान अगर कोई कॉपी मिस प्रिंट हो जाती है, तो एनटीए उसे तुरंत अपनी निगरानी में नष्ट करवा देता है ताकि उसका कोई गलत फायदा न उठा सके।
परिवहन के दौरान हाई-टेक सुरक्षा
छपने के बाद पेपर को जीपीएस (GPS) तकनीक से लैस ट्रकों और सीलबंद ट्रंकों में रखा जाता है। ऐसे में यदि वाहन अपने तय रास्ते से जरा भी भटकता है, तो तुरंत अलार्म बज जाता है। इतना ही नहीं प्रश्नपत्रों के बॉक्स डिजिटल लॉक से सुरक्षित होते हैं, जो केवल एक निश्चित समय पर अधिकृत व्यक्ति के पास आए ओटीपी (OTP) से ही खुलते हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पेपर के तीन अलग-अलग सेट तैयार किए जाते हैं।
