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चीन में भारतीय छात्रों के लिए क्या हैं वीजा नियम? क्या कोर्स पूरा होने के बाद भी चाइना में रुक सकते हैं छात्र

चीन बीते कुछ सालों से मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई का बड़े केंद्र बन गया है। अगर आप भी चीन से शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि यहां का China Visa Rule क्या है और कोर्स के बाद यहां कैसे रुका जा सकता है।

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China Visa Rule (Photo - AI)

China Visa Rule for Indian Students: चीन पिछले कुछ सालों में भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा, विशेषकर मेडिकल (MBBS), इंजीनियरिंग और भाषा की पढ़ाई का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यदि आप भी चीन में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं या वहां के किसी संस्थान में दाखिला लेने की सोच रहे हैं, तो पढ़ाई की तैयारियों के साथ-साथ आपके लिए चीन के वीजा नियमों और पढ़ाई पूरी होने के बाद वहां रुकने की कानूनी शर्तों बारे में जानना और समझना बेहद जरूरी है। वीजा की सही श्रेणी से लेकर चीन पहुंचने के बाद रेजिडेंस परमिट और कोर्स पूरा होने के बाद वर्क परमिट की प्रक्रिया तक, हर एक नियम छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा है। आइए, इन सभी वीजा नियमों और पोस्ट-स्टडी संभावनाओं के बारे में आपको विस्तार से बताएं -

चीन में कितनी तरह के होते हैं स्टडी वीजा

चीन में स्टडी करने के लिए जा रहे छात्रों को बता दें कि यहां विदेशी छात्रों के लिए मुख्य रूप से 'X' श्रेणी का स्टूडेंट वीजा (China Visa Rule) होता है और इसे दो भागों में बांटा गया है। जी हां, चीन ने अपने स्टडी वीजा को दो भागों में यानी X1 और X2 में बांटा है। X1 वीजा लॉग टर्म कोर्स के लिए होता है। यह मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए होता है जिनका कोर्स 180 दिनों यानी केवल 6 महीने से अधिक अवधि का होता है। जैसे कि MBBS, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या पीएचडी करने वाले भारतीय छात्र इसी X1 वीजा के तहत चीन जाते हैं। यह वीजा मल्टीपल एंट्री की सुविधा देता है। अब बात करें X2 वीजा की तो यह शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए होता है। यह उन छात्रों के लिए होता है जो 180 दिनों से कम समय के लिए होने वाले शॉर्ट-टर्म कोर्स, लैंग्वेज ट्रेनिंग या एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए दिया जाता है। यह आमतौर पर सिंगल एंट्री वीजा होता है।

China Visa Rule

(Photo - AI)

वीजा के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स

चीन का स्टूडेंट वीजा आवेदन करने के लिए भारतीय छात्रों के पास कुछ महत्वपूर्ण कागजात होना अनिवार्य है। डॉक्यूमेंट की लिस्ट इस प्रकार है -

मान्य पासपोर्टपासपोर्ट की वैधता कम से कम 6 महीने शेष होनी चाहिए।
यूनिवर्सिटी एडमिशन लेटरजिस चीनी विश्वविद्यालय में आपका चयन हुआ है, उसका आधिकारिक स्वीकृति पत्र।
JW201 / JW202 (DQ) फॉर्मयह चीनी शिक्षा मंत्रालय द्वारा विदेशी छात्रों के लिए जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक वीजा आवेदन फॉर्म है।
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेटX1 वीजा के लिए स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट जमा करनी होती है।
आर्थिक प्रमाण व पुलिस क्लीयरेंस (PCC)कुछ मामलों में बैंक स्टेटमेंट और पुलिस वेरिफिकेशन की भी आवश्यकता होती है।

चीन में शिक्षा प्राप्त करने के लिए वीजा के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन फॉर्म भरने से शुरू होती है, जिसके बाद चाइनीज वीजा एप्लीकेशन सर्विस सेंटर (CVASC) या चीनी दूतावास में आवश्यक सभी दस्तावेज जमा करने होंगे।

चीन पहुंचने के बाद रेजिडेंस परमिट क्यों जरूरी है?

भारत से चीन पढ़ने जाने वाले छात्रों को बता दें कि यहां पढ़ने के लिए केवल स्टडी वीजा काफी नहीं है। छात्रों के यह पता होना चाहिए की X1 वीजा प्राप्त करके चीन पहुंचने वाले छात्रों रेजिडेंस परमिट की आवश्यकता भी होगी। यह एक बेहद महत्वपूर्ण नियम है, जिसका ध्यान रखने की जरूरत है। केवल X1 वीजा के भरोसे आप साल भर चीन में नहीं रह सकते। सुनकर थोड़ी हैरानी हुई होगी, लेकिन यह सच है।

चीन पहुंचने के 30 दिनों के भीतर छात्र को अपने स्थानीय पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो (PSB) के एग्जिट-एंट्री एडमिनिस्ट्रेशन में जाकर 'टेम्परेरी रेजिडेंस परमिट' के लिए आवेदन करना होता है। यह परमिट ही पूरे कोर्स के दौरान चीन में कानूनी रूप से आपके रहने के आधार बनता है। यदि कोई छात्र 30 दिन की सीमा का उल्लंघन करता है या किसी भी कारण से टेम्परेरी रेजिडेंस परमिट सबमिट नहीं कर पाता है तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।

क्या कोर्स पूरा होने के बाद चीन में रुक सकते हैं?

वीजा और चीन में कोर्स के दौरान रुकने के नियम के बारे में जानने के बाद अब बात आती है छात्रों के सबसे बड़ा सवाल की—क्या पढ़ाई खत्म होने के बाद चीन में रुका जा सकता है? इसका सीधा जवाब है - हां, रुका जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ खास शर्तें और प्रक्रियाएं हैं, जिन्हें आपको पूरा करना होगा। अगर आप इन्हें पूरा नहीं कर पाते हैं तो आप चीन में नहीं रुक सकते हैं और आपको तय समय सीमा के भीतर घर वापसी करनी होगी।

बता दें कि पुराने नियमों के तहत पढ़ाई खत्म होते ही स्टूडेंट वीजा समाप्त हो जाता था और छात्रों को तुरंत देश छोड़ना पड़ता था। लेकिन अब चीन की सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए नियमों में काफी ढील दी है, जिसके आधार पर छात्र चीन में कोर्स पूरा होने के बाद भी रुक सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे -

Z वीजा: यह एक वर्क वीजा है। यदि पढ़ाई के दौरान या तुरंत बाद आपको चीन की किसी रजिस्टर कंपनी, रिसर्च इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी में नौकरी का ऑफर मिल जाता है, तो आपका एंप्लॉयर आपके लिए 'Foreigners Work Permit' और 'Z Visa' के लिए स्पॉन्सर कर सकता है।

अनुभव की शर्त में छूट: जहां पहले विदेशी ग्रेजुएट के लिए 2 साल का वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य था, अब बीजिंग, शंघाई, शेनज़ेन जैसे प्रमुख शहरों और टॉप यूनिवर्सिटी से मास्टर या पीएचडी करने वाले छात्रों को बिना कार्य अनुभव के भी सीधे वर्क परमिट मिल जाता है।

इंटरर्नशिप व एंटरप्रेन्योरशिप वीजा: कुछ चीनी शहर, जैसे शंघाई और गुआंगझोउ पास-आउट छात्रों को जॉब सर्च करने, स्टार्टअप शुरू करने या इंटर्नशिप करने के लिए 1 से 2 साल का विशेष रेजिडेंस परमिट प्रदान करते हैं।

China Visa Rule

China Visa Rule

ऊपर दी गई शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार कोर्स पूरा होने के बाद चीन में रुक सकते हैं।

भारतीय छात्र बरतें ये सावधानियां

भारत से चीन पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों को सलाह है कि वह अवैध कामों में न फंसे। जी हां, X1 या X2 वीजा पर रहते हुए बिना आधिकारिक अनुमति के कोई भी पार्ट-टाइम जॉब या व्यापार करना चीन में सख्त गैर-कानूनी है। इसके साथ ही अपने रेजिडेंस परमिट की समाप्ति तिथि से कम से कम 15-30 दिन पहले विस्तार के लिए आवेदन करें। यदि आप पढ़ाई के बाद चीन में ही करियर बनाना चाहते हैं, तो मंदारिन (चीनी भाषा) में HSK लेवल 4 या उससे ऊपर की कुशलता हासिल करना बहुत मददगार साबित होता है, इसलिए भाषा का ज्ञान जरूरी है।

छात्रों को बता दें कि चीन में पढ़ाई के नियम बेहद व्यवस्थित और सख्त हैं। यदि आप सभी कागजी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करते हैं, तो पढ़ाई के साथ-साथ वहां करियर की नई संभावनाएं तलाशना आपके लिए आसान हो जाएगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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