एजुकेशन

आकांक्षा, शिखा और अब प्रियंका..., IAS बनने के फर्जी दावों की खुल रही पोल

UPSC CSE Result 2025 Fake Claims: हाल ही में सोशल मीडिया पर आईएएस बनने के झूठे दावों से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। पहले आकांक्षा और शिखा के बाद अब उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की प्रियंका चौधरी का दावा भी गलत साबित हुआ है। प्रियंका ने यह दावा किया था कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल परिणाम में 79वीं रैंक प्राप्त की है, लेकिन जांच में यह दावा फर्जी निकला। तो कौन हैं असली प्रियंका, कहां से हैं जानें इस लेख से

Image

आकांक्षा, शिखा और अब प्रियंका..., IAS बनने के फर्जी दावों की खुल रही पोल

UPSC CSE Result 2025 Fake Claims: हाल ही में सोशल मीडिया पर आईएएस बनने के झूठे दावों से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। पहले आकांक्षा और शिखा के बाद अब उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की प्रियंका चौधरी का दावा भी गलत साबित हुआ है। प्रियंका ने यह दावा किया था कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल परिणाम में 79वीं रैंक प्राप्त की है, लेकिन जांच में यह दावा फर्जी निकला।

प्रियंका चौधरी

प्रियंका चौधरी

असली प्रियंका चौधरी कौन और कहां से?

79वीं रैंक पाने वाली असली कैंडिडेट हिमाचल प्रदेश की प्रियंका चौधरी हैं। असल में राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली प्रियंका IIT रुड़की से जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री के साथ पढ़ी हैं। इस एग्जाम में यह उनका चौथा अटेम्प्ट था। उनके पति, मुकेश रेप्सवाल, 2015 बैच के IAS ऑफिसर हैं और अभी चंबा के डिप्टी कमिश्नर (DC) के तौर पर काम कर रहे हैं।

फर्जी दावे के जरिए वाहवाही बटोरने की इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर चल रहे वेरिफिकेशन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले इसी तरह की दो और घटनाएं भी आईं थीं -

शिखा

शिखा

असली शिखा कौन और कहां से?

इसी तरह का एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया था। वहां की शिखा नाम की एक युवती ने यूपीएससी में 113वीं रैंक आने का दावा किया था, लेकिन बाद में यह दावा भी झूठा साबित हुआ। दरअसल, 113वीं रैंक प्राप्त करने वाली असली शिखा हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। जब बुलंदशहर की शिखा गौतम के आईएएस बनने की खबरें सोशल मीडिया पर फैलने लगीं, तो वास्तविक शिखा ने यूपीएससी को ईमेल भेजकर मामले की जांच की मांग की। इसके बाद आयोग ने बुलंदशहर प्रशासन को इसकी जांच के निर्देश दिए।

जांच में सामने आया सच

जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम सदर दिनेश चंद्र ने तहसील स्तर पर जांच कराई। सदर तहसीलदार मनोज रावत जांच के लिए शिखा गौतम के घर पहुंचे, जहां उनके दस्तावेजों में नाम शिखा गौतम के बजाय शिखा रानी पाया गया। आगे की जांच में भी परिवार की ओर से ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे उनका दावा सही साबित हो सके।

आकांक्षा सिंह

आकांक्षा सिंह

असली आकांक्षा सिंह कौन और कहां से

इसी तरह का एक और विवाद यूपीएससी की 301वीं रैंक को लेकर सामने आया, जहां दो अलग-अलग राज्यों की युवतियों ने खुद को इस रैंक का दावेदार बताया। एक ओर बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह थीं, जो रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती और इंदुभूषण सिंह की बेटी हैं। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने भी सोशल मीडिया पर इसे अपनी उपलब्धि बताया। आकांक्षा सिंह (रोल नंबर 0856794) हैं, जो रंजीत सिंह और नीलम सिंह की बेटी हैं और गांव अभयपुर, गाजीपुर, UP की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा है, “मुझे अपने रिजल्ट पर कोई शक नहीं है। कोई भी मेरा QR कोड स्कैन करके रिज़ल्ट देख सकता है।”

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

और पढ़ें
End of Article