सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती के आवेदन को लेकर अभ्यर्थियों के बीच अर्हता संबंधी असमंजस बना हुआ है। खासतौर पर अंग्रेजी विषय से आवेदन करने वाले अभ्यर्थी भर्ती की शैक्षणिक योग्यता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से परेशान हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी TGT भर्ती 2026 के विज्ञापन और उससे संबंधित अर्हता नियमों को लेकर अंग्रेजी विषय के उम्मीदवारों में भ्रम की स्थिति है। उनका सवाल है कि स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय का दो वर्ष अध्ययन करने वाले अभ्यर्थी TGT अंग्रेजी भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे या नहीं। इस मुद्दे पर सोमवार को प्रतियोगी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामता राम पाल को ज्ञापन सौंपा और नियमों में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच की ओर से भी एडीएम सिटी विनय सिंह और चयन आयोग के उपसचिव संजय सिंह को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। अभ्यर्थियों ने TGT भर्ती में बीएड की न्यूनतम निर्धारित अर्हता, स्नातक, बीएड एवं परास्नातक के विषय संयोजन, अलग-अलग विश्वविद्यालयों की अंकतालिकाओं में अंतर और विषयवार शैक्षणिक पात्रता से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की।
क्या है मांग
छात्र दिनेश यादव ने बताया कि पूर्व में स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय का दो वर्ष अध्ययन करने वाले अभ्यर्थियों को अंग्रेजी विषय से TGT भर्ती में आवेदन के योग्य माना जाता रहा है। लेकिन वर्तमान भर्ती में अभ्यर्थियों के बीच इस नियम को लेकर स्पष्टता नहीं है। ऐसे में उम्मीदवारों को आशंका है कि कहीं वे आवेदन करने के बाद पात्रता की शर्तों में न उलझ जाएं।
4 नवंबर को लखनऊ में आंदोलन
अभ्यर्थियों ने भर्ती से जुड़ी विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया है। इसके तहत 4 नवंबर को सुबह 11 बजे लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अर्हता संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी समय रहते दी जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन और चयन प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
