पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर अंतरकलह और बगावत का तूफान थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को दो विधायकों के इस्तीफे के बाद अब अमृतसर नॉर्थ से 'आप' विधायक और पूर्व आईपीएस (IPS) अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। 48 घंटे के भीतर तीन विधायकों द्वारा एक-एक कर विधायक पद और पार्टी का साथ छोड़ देने से आम आदमी पार्टी के राज्य नेतृत्व में भारी हड़कंप मच गया है।
कल ही स्पीकर को भेज दिया था इस्तीफा
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 1 नवंबर को ही पंजाब विधानसभा के स्पीकर को अपना आधिकारिक इस्तीफा भेज दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए ईमेल, व्हाट्सएप और भारतीय डाक, तीनों माध्यमों से पहुंचाया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह पंजाब विधानसभा में अमृतसर नॉर्थ सीट की अपनी सदस्यता से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और अमृतसर नॉर्थ से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
24 घंटे के भीतर 'आप' को लगे 3 बड़े झटके
आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई मौजूदा विधायक और वरिष्ठ नेता टिकट बांटने और संगठनात्मक फैसलों को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे आप के लिए भारी रहे हैं। पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना, पटियाला) ने हल्का प्रभारी के रूप में सुरजीत सिंह रखड़ा की नियुक्ति पर असहमति जताई और रविवार को इस्तीफा दे दिया। वहीं हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर, पटियाला) पहले से ही विभिन्न विवादों के बाद पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाए हुए हैं और अपना इस्तीफा रविवार को भेज दिया। इसी कड़ी में अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा पत्र भेज दिया है। चुनाव से पहले उनके इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी AAP
पंजाब आम आदमी पार्टी ने हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा के इस्तीफों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दोनों विधायक पहले से ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निलंबित किए जा चुके थे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अब वह दोनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा स्पीकर से संपर्क करेगी। आम आदमी पार्टी का कहना है कि पार्टी लाइन के खिलाफ लगातार गतिविधियों के चलते दोनों नेताओं पर कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
