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ब्रोकरेज ने बताया कैसे और कब होगी भारतीय बाजार में FII की वापसी, टैक्स नहीं असली विलेन क्रूड ऑयल

ब्रोकरेज हाउस JM Financial ने भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी की पूरी टाइमलाइन बताई है। इसके साथ ही बताया है कि विदेशी निवेशकों के लिहाज से असली विलेन टैक्स नहीं क्रूड ऑयल है।

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विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद

FII Return in Indian Market Timeline : भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। ब्रोकरेज फर्म JM Financial का कहना है कि भारतीय बाजार का वैल्यूएशन सस्ता होने और कंपनियों की कमाई में सुधार के बावजूद विदेशी निवेशक जल्द बड़ी खरीदारी शुरू नहीं करेंगे।

JM Financial के मुताबिक, सितंबर 2026 तक के 24 महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से 59.2 अरब डॉलर की निकासी की। अक्टूबर में करीब 5 अरब डॉलर की अतिरिक्त बिकवाली जोड़ने पर यह आंकड़ा लगभग 64 अरब डॉलर पहुंच जाता है। FY25 में FIIs ने 14.9 अरब डॉलर, FY26 में 21.9 अरब डॉलर और FY27 में अक्टूबर तक 17.7 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं।

कब थमेगी बिकवाली?

ब्रोकरेज की रिपोर्ट में कच्चे तेल (Crude Oil) को विदेशी निवेशकों की वापसी का सबसे अहम ट्रिगर बताया गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने पर बिकवाली का दबाव कम हो सकता है। 27 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड 114.6 डॉलर प्रति बैरल पर था।

कब लौटेगा विदेशी पैसा?

JM Financial ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव और अमेरिका-ईरान तनाव के घटनाक्रम के आधार पर तीन परिदृश्य पेश किए हैं।

बेस केस : 45% संभावना : अगर पश्चिम एशिया में तनाव रुक-रुककर जारी रहता है और ब्रेंट क्रूड 100-115 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहता है, तो विदेशी निवेशकों की लगातार तीन महीने की खरीदारी जनवरी से मार्च 2027 के बीच शुरू हो सकती है। इस स्थिति में FY27 में करीब 18 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी और FY28 में 10-15 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान है।

तनाव कम हुआ तो दिसंबर से वापसी : अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है, होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग सामान्य होती है और क्रूड पहली तिमाही 2027 तक 85-90 डॉलर पर आ जाता है, तो FII की वापसी दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 में ही शुरू हो सकती है। इस स्थिति में FY28 में 20-25 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। ब्रोकरेज ने इस परिदृश्य की संभावना 25% आंकी है।

तनाव बढ़ा तो FY28 तक इंतजार : अगर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ता है और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा बंद होता है, तो क्रूड 125-140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। ऐसे में विदेशी निवेशकों की वापसी FY28 तक टल सकती है। इस स्थिति की संभावना 30% है।

क्या LTCG टैक्स हटने से लौटेंगे विदेशी निवेशक?

विदेशी निवेशकों की वापसी को लेकर कैपिटल गेन टैक्स में राहत की भी चर्चा है। फिलहाल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) को लिस्टेड इक्विटी पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) में 20% और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 12.5% टैक्स देना होता है। JM Financial का अनुमान है कि LTCG टैक्स हटने से FY28 में तेजी वाले परिदृश्य में 3-5 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश आ सकता है।

सस्ता निफ्टी, लेकिन वापसी के लिए ये शर्त जरूरी

JM Financial के अनुसार, निफ्टी का फॉरवर्ड P/E सितंबर 2026 में 17.1 गुना था, जो अपने 10 साल के औसत से करीब 19.6% कम है। कंपनियों की कमाई में सुधार भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। लेकिन सस्ता वैल्यूएशन तुरंत विदेशी निवेश नहीं खींचता। इसका असर दिखने में 4-5 महीने लग सकते हैं।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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