UP Police Constable Vacancy 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेशभर में होगी। कुल 32,679 पदों के लिए होने वाली इस भर्ती परीक्षा में रिकॉर्ड 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा राज्य के सभी 75 जिलों में बनाए गए 1,183 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी।
इतने बड़े पैमाने पर UP Police Constable Exam 2026 को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और निष्पक्षता के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं।
कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार बोर्ड
बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है कि सॉल्वर गिरोह और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। नियमों के अनुसार पहली बार पकड़े जाने पर 7 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं दूसरी बार दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही दोषियों की संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है।

UP Police Constable Vacancy 2026
2 जनू को मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्णा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र की गोपनीयता और निगरानी तंत्र पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और समय से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करें।
स्ट्रांग रूम में डबल लॉक और डबल गार्ड की व्यवस्था
सुरक्षा के लिहाज से सभी स्ट्रांग रूम में डबल लॉक और डबल गार्ड व्यवस्था लागू की गई है। सीसीटीवी कैमरे अंदर-बाहर 24 घंटे चालू रहेंगे और भर्ती बोर्ड लाइव फीड के जरिए निगरानी करेगा। अग्निशमन, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 6 से 10 जून तक हर केंद्र का रोजाना सैनिटाइजेशन होगा और पूरे परिसर की गहन जांच की जाएगी ताकि मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न ले जाए जा सकें।
परीक्षा में लगे कर्मचारियों के मोबाइल भी बाहर रखवाए जाएंगे और रैंडमाइजेशन से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगेगी।डीजीपी राजीव कृष्णा ने कहा कि परीक्षा की सफलता सतर्कता और अनुशासन पर टिकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, चौराहों और परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस और ट्रैफिक बल तैनात रहे ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। प्रशासन का दावा है कि इस बार की परीक्षा यूपी की सबसे बड़ी और हाई-टेक मॉनिटरिंग वाली भर्ती परीक्षाओं में से एक होगी।
