Venus-Saturn Quadranovile Yoga 2026: 15 सितंबर 2026 को शुक्र और शनि के बीच 160 डिग्री का कोण बन गया है। आपकी दी गई गणना के अनुसार इसी से क्वाड्रानोविल योग बन रहा है। इस समय शुक्र तुला राशि में और शनि मीन राशि में स्थित हैं। 15 सितंबर के लाहिड़ी सिडीरियल ग्रह-गोचर के अनुसार शुक्र का तुला और शनि का मीन राशि में हैं, इसके साथ ही शनि वक्री गति में चल रहे हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र सुख, प्रेम, रिश्ते, भौतिक सुविधाएं, कला और धन से जुड़े हैं, जबकि शनि देरी, अनुशासन, जिम्मेदारी, संघर्ष और कर्मफल के कारक माने जाते हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह कोण उन क्षेत्रों में दबाव बढ़ाता है, जहां व्यक्ति सुख चाहता है, लेकिन परिस्थितियां उसे जिम्मेदारी और धैर्य की तरफ धकेलती हैं। इस योग का असर करीब 2 महीनों तक रहेगा। इस दौरान खास तौर पर उन राशियों को अधिक सावधानी रखनी होगी जिनकी कुंडली में तुला और मीन से जुड़े भाव संवेदनशील स्थित बना रहे हैं। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह योग अशुभ रहेगा।
मेष राशि वालों के लिए शुक्र सातवें भाव में और शनि बारहवें भाव में स्थित हैं। यह स्थिति दांपत्य, बिजनेस पार्टनरशिप और निजी रिश्तों के साथ खर्च और मानसिक तनाव को जोड़ देती है। रिश्ते में एक पक्ष ज्यादा अपेक्षा रख सकता है और दूसरा जिम्मेदारियों के दबाव में रह सकता है। बिजनेस में पार्टनर के साथ पैसों या काम के बंटवारे को लेकर खिंचाव बढ़ेगा। अनावश्यक खर्च भी बजट बिगाड़ सकता है। शुक्रवार को सफेद मिठाई का दान करें और शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल दें।
सिंह राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे और शनि आठवें भाव में हैं। आठवें भाव का शनि अचानक रुकावट, पुराने मामलों की वापसी और तनाव बढ़ाने वाला माना जाता है, जबकि शुक्र का तीसरे भाव में होना संचार और निजी फैसलों को सक्रिय करता है। इस योग में जल्दबाजी में कही गई बात बाद में विवाद का कारण बन सकती है। नौकरी या कारोबार में किसी पुराने मामले को लेकर दबाव बढ़ सकता है और अचानक खर्च सामने आ सकता है। अशुभ प्रभाव कम करने के लिए शनिवार को काली उड़द का दान करें और किसी भी विवाद में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें।
तुला राशि के स्वामी शुक्र इस समय अपनी ही राशि में मौजूद हैं, लेकिन शनि छठे भाव से प्रभाव डाल रहे हैं। इससे एक तरफ आकर्षण और भौतिक सुखों की चाह बढ़ेगी, वहीं दूसरी तरफ प्रतियोगिता, कर्ज, नौकरी का दबाव और विवाद जैसे मामले सक्रिय रहेंगे। कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी से मतभेद बढ़ सकता है। प्रेम संबंधों में भी छोटी बात को लेकर दूरी बन सकती है। खान-पान और आराम में लापरवाही करने से दिनचर्या प्रभावित होगी। शुक्रवार को देवी लक्ष्मी को सफेद पुष्प अर्पित करें और शनिवार को श्रम करने वाले व्यक्ति का सम्मान करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र बारहवें भाव और शनि पांचवें भाव में हैं। यह योग प्रेम संबंधों, पढ़ाई, निवेश और खर्च के बीच असंतुलन पैदा कर सकता है। बिना सोचे किसी चीज पर पैसा लगाना नुकसानदेह रहेगा। प्रेम संबंध में सामने वाले की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, जबकि आप भावनात्मक रूप से दूरी महसूस कर सकते हैं। विद्यार्थियों का ध्यान भी बार-बार भटक सकता है। उपाय के तौर पर शुक्रवार को जरूरतमंद महिला को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें और शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन राशि वालों के लिए यह योग सबसे ज्यादा संवेदनशील रहने वाला है क्योंकि शनि इसी राशि में मौजूद हैं और शुक्र आठवें भाव में बैठे हैं। शनि का प्रभाव व्यक्तित्व, फैसलों और मानसिक दबाव पर पड़ता है, जबकि आठवें भाव का शुक्र अचानक खर्च, रिश्तों में छिपी बातों और साझा धन से जुड़े मामलों को सामने ला सकता है। इस दौरान भावनाओं में आकर बड़ा आर्थिक फैसला लेना या किसी रिश्ते में जल्दबाजी करना नुकसान बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य के मामले में भी आराम और नींद की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। शुक्रवार को लक्ष्मीजी की पूजा करें, सफेद चीजों का दान करें और शनिवार को शनि मंदिर में तेल अर्पित करें।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।