UP Lekhpal Exam 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा हमेशा से ही सुर्खियों और विवादों में बनी रहती है। 7,994 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असंतोष साफ देखा जा सकता है। विज्ञापन में अचानक पदों के फेरबदल से लेकर परीक्षा केंद्रों पर नकल की अफवाहों और तकनीकी गड़बड़ियों ने एक बार फिर पूरी भर्ती प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस बार विवाद परीक्षा के बाद शुरू नहीं हुआ बल्कि नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई थी।
विज्ञापन में पदों की संख्या घटाने पर विवाद
यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा का विवाद नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही शुरू हो गया था। छात्रों ने उस दौरान आरोप लगाया था कि आयोग ने शुरुआत में अनारक्षित वर्ग के लिए 4,165 पद घोषित किए थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद संशोधित विज्ञापन जारी कर इन पदों की संख्या घटाकर 3,205 कर दी गई। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने इसे अनारक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए इस पूरे मामले पर सरकार से एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी।
आवेदन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी
भर्ती की आवेदन प्रक्रिया के दौरान भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फॉर्म भरने की आखिरी तारीखों से दो-तीन दिन पहले ही आयोग की वेबसाइट का सर्वर पूरी तरह क्रैश हो गया। इसके चलते हजारों योग्य उम्मीदवार चाहकर भी अपना आवेदन और फीस सबमिट नहीं कर पाए।
परीक्षा केंद्रों पर नकल और अव्यवस्था के आरोप
इन सब परेशानियों को झेलने के बाद आखिरकार उम्मीदवार आयोजित हुई मुख्य परीक्षा में शामिल हुए तो कई परीक्षा केंद्रों से हंगामे और अव्यवस्था की खबरें सामने आई हैं। लखनऊ समेत कुछ जिलों के केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने दूसरे छात्रों को नकल करते हुए पकड़ने का दावा किया है। कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा में शामिल हुए कई उम्मीदवारों ने ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से चीटिंग की। समाने आई जानकारी के अनुसार, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन अभी तक इस पर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं की गई है। वहीं दूसरी तरह कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय कॉलेज प्रशासन संदिग्धों को संरक्षण दे रहा है। हालांकि, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद नकल की इन बातों को अफवाह बताया, लेकिन छात्रों का अविश्वास अभी भी बरकरार है।
15 जिलों में छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर के 15 परीक्षा केंद्रों पर 7 हजार परीक्षार्थियों मे से के 1359 उम्मीदवारों ने परीक्षा छोड़ दी और 5649 उम्मीदवार ही शामिल हुए।
