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UP Board Exam: बदल गया यूपी बोर्ड का परीक्षा पैटर्न, अब इन 6 मानकों के आधार पर मिलेंगे नंबर

UP Board Exam Pattern: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया है। यूपी बोर्ड के इस बदलाव से छात्रों की तैयारी का तरीका भी बदल सकता है। अब विद्यार्थियों को केवल पाठ याद करने के बजाय विषय को समझकर पढ़ना होगा।

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यूपी बोर्ड का बदला पैटर्न

UP Board Exam Pattern: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया है।जानकारी के अनुसार, अब विद्यार्थियों की क्षमता को केवल याद किए गए तथ्यों के आधार पर नहीं परखा जाएगा। अब मूल्यांकन करते समय छात्रों की समझ, सोचने की क्षमता और सीखी गई जानकारी को इस्तेमाल करने की योग्यता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यूपी बोर्ड के इस बदलाव से छात्रों की तैयारी का तरीका भी बदल सकता है। अब विद्यार्थियों को केवल पाठ याद करने के बजाय विषय को समझकर पढ़ना होगा।

नई व्यवस्था में छात्रों की रटने की क्षमता के बजाय उनकी सोच और विषय को समझने की क्षमता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में तर्क करने, सवालों का विश्लेषण करने और नई परिस्थितियों में जानकारी का इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करना है। यूपी बोर्ड ने छह प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाकर मॉडल प्रश्नपत्र तैयार किए हैं। यह बदलाव भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाले परख मूल्यांकन केंद्र के निर्देशों के अनुसार किया गया है।

किस तरह बदली मूल्यांकन व्यवस्था?

नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के ज्ञान और समझ के साथ-साथ उनकी विश्लेषण क्षमता पर भी जोर दिया गया है। मॉडल प्रश्नपत्रों में करीब 17.5 प्रतिशत प्रश्न ज्ञान और समझ से जुड़े होंगे। वहीं, 35 प्रतिशत प्रश्नों के जरिए छात्रों की जानकारी को व्यवहार में इस्तेमाल करने की क्षमता जांची जाएगी।

पहले चरण में कक्षा 11 और 12 के चार विषयों के मॉडल प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं। इनमें इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और नागरिक शास्त्र शामिल हैं। इन प्रश्नपत्रों का पैटर्न आगामी बोर्ड परीक्षा में भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा करीब 22 प्रतिशत प्रश्न विश्लेषण क्षमता पर आधारित होंगे। वहीं, मूल्यांकन और सृजन क्षमता को परखने के लिए चार-चार प्रतिशत प्रश्न रखे गए हैं।

इससे पहले प्रश्नपत्रों में ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग और कौशल से जुड़े सवालों पर अधिक ध्यान दिया जाता था। पुरानी व्यवस्था में ज्ञान से जुड़े 20 प्रतिशत प्रश्न होते थे। वहीं, समझ और अनुप्रयोग से जुड़े प्रश्नों का हिस्सा 30-30 प्रतिशत था। कौशल परखने वाले प्रश्नों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत थी।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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