Weather Update: देश के कई हिस्सों में अब भी मानसून एक्टिव है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान से इसके 19 सितंबर से पीछे हटने के संकेत हैं। भारत मौसम विभाग (IMD) के 16 सितंबर 2026 के अपडेट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश सिक्किम के मंगन में दर्ज की गई। यहां 276.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद मंगन के ही संकलन (Sankalan) में 268.6 मिमी और सिंघिक (Singhik) में 160 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। आंकड़े 15 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 16 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के हैं।
IMD के मुताबिक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पिछले 24 घंटे में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं असम-मेघालय और सौरष्ट्र-कच्छ में बहुत भारी बारिश हुई। अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal), पूर्वोत्तर के कई राज्यों, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई।
Sikkim में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के प्रमुख वर्षा आंकड़ों में मंगन सबसे ऊपर रहा है। इसके अलावा संकलन में 268.6 मिमी, सिंघिक में 160 मिमी, मध्य प्रदेश के सियोढा (Seodha) में 100 मिमी और रायलसीमा के वेंकटगिरी कोटा में 80.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
जबलपुर के शाहपुरा में 75.3 मिमी, मंगन के शिपग्यार में 72.4 मिमी, दक्षिण अंडमान के हट बे में 62.8 मिमी और काकीनाड़ा के तुनी में 59.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
गुजरात तट पर तेज हवाओं का अलर्ट
IMD के आज यानी बुधवार 16 सितंबर सुबह 5:30 बजे के अपडेट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर स्थित है। इसके प्रभाव से उत्तर गुजरात के तट और उससे लगे पूर्वोत्तर अरब सागर में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम खराब रहने की संभावना है।
इस दौरान 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों के साथ हवा की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंचने की संभावना है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग ने उत्तर गुजरात के तट और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर क्षेत्र में अगले 24 घंटे के दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। समुद्र में मौजूद लोगों को भी मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
IMD के अनुसार, बारिश और हवा से जुड़े मौसम में स्थानीय स्तर पर स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
