NEET UG 2024, NEET Controversy: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट यूजी 2024 (NEET UG 2024) को लेकर बवाल थमने (NEET Controversy) का नाम ही नहीं ले रहा है। नीट यूजी में स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई थी। याचिका में रिजल्ट वापस लेने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग भी की गई है। इसमें कहा गया है कि रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स देना NTA का मनमाना फैसला है। अब नीट परीक्षा के खिलाफ दाखिल इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (NEET Supreme Court Hearing) में मंगलवार को सुनवाई होगी।
नीट के खिलाफ याचिका दायर
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के याचिकाकर्ता जरीपेट कार्तिक ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर की है, जिसमें 'समय की हानि' के आधार पर 1536 स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने की एनटीए की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। रिपोर्ट्स की मानें तो NEET प्रवेश परीक्षा के खिलाफ अब तक कुल तीन याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है, इन याचिकाओं में NEET परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की शीर्ष अदालत से गुहार लगाई गई है।
क्या है पूरा मामला
नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 5 मई को किया गया था। यह परीक्षा देश के 571 और विदेश के 14 शहरों में दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक हुई थी। वहीं, इस परीक्षा का रिजल्ट निर्धारित समय से 10 दिन पहले यानी 14 जून की जगह 4 जून को जारी किया गया। इस साल नीट यूजी में 67 स्टूडेंट्स ने AIR 1 हासिल की है, जिसमें से 6 हरियाणा के एक ही परीक्षा केंद्र से थे। वहीं, कुछ स्टूडेंट्स ने 720 में से 718 और 719 अंक हासिल किए है, जिसे परीक्षा की प्रकृति को देखते हुए असंभव बताया जा रहा है। ऐसे में नीट यूजी को लेकर तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
