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Success Story: आखों में रोशनी नहीं लेकिन क्रैक किया CAT Exam, बाधाओं को लांघ कर दृष्टि बाधित शिवानी पहुंची IIM इंदौर

Story of Visually Impaired Student Shivani: हैदराबाद से 110 किलोमिटर दूर जहीराबाद की रहने वाली शिवानी एक दृष्टि बाधित छात्रा हैं। जन्म से दृष्टि दोष होने के बावजूद शिवानी पढ़ाई में अव्वल छात्रा रही हैं। उन्होंने कैट जैसी कठिन परीक्षा को शानदार मार्क्स से क्रैक कर लिया है। देश के टॉप मैनेजमेंट कॉलेज IIM इंदौर में शिवानी को एडमिशन मिल गया है।

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दृष्टि बाधित छात्रा शिवानी

Story of Visually Impaired Student Shivani: कहते हैं अगर आपके इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर हासिल होती है। ऐसा ही कर दिखाया है तेलंगाना के जहीराबाद की रहने वाली शिवानी ने। हैदराबाद से 110 किलोमिटर दूर जहीराबाद की शिवानी एक दृष्टि बाधित छात्रा हैं। उन्हें दिखाई नहीं देता इसके बावजूद उन्होंने CAT जैसी कठिन परीक्षा क्रैक करके देश के नंबर वन मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला पाया है।

कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट परीक्षा देश के टॉप मैनेजमेंट कॉलेज में MBA कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित होती है। इसमें हर साल लाखों की संख्या में परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इनमें से कुछ को ही IIM में दाखिला मिल पाता है। शिवानी को आंखों से दिखाई नहीं देता फिर भी उन्होंने CAT Exam क्रैक करके IIM Indore में एडमिशन हासिल कर लिया है। आइए उनके संघर्ष के सफर पर एक नजर डालते हैं।

पूरी तरह दृष्टि बाधित हैं शिवानी

तेलंगाना के जहीराबाद की रहने वाली शिवानी एक बेहद मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं। उनके वेणुगोपाल रेड्डी और माता विजयलक्ष्मी किसान हैं। शिवानी किसान दंपत्ति की दूसरी संतान हैं। शिवानी को जन्म से ही दृश्य दोष है। बचपन से पढ़ाई में अव्वल शिवानी ने 10वीं में 8.4 CGPA हासिल किया था।

शिवानी ने 12वीं की परीक्षा में 92.1 फीसदी अंक हासिल करके अपने बैच की टॉपर बनीं। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के सत्य भारती यूनिवर्सिटी में बीबीए कोर्स में एडमिशन लिया। ग्रेजुएशन के साथ ही उन्होंने CAT Exam की तैयारी शुरू कर दी।

CAT Exam में शानदार रिजल्ट

शिवानी ने अपने हौसले के आगे अपनी कमजोरी को कभी आने नहीं दिया। कैट परीक्षा में शिवानी को 93.3 प्रतिशत अंक मिले। 16 आईआईएम में से उन्हें एडमिशन पाने का मौका था। अंत में शिवानी ने IIM इंदौर में एडमिशन लिया है। शिवानी की बहन भवानी भी आंशिक रूप से दृष्टि बाधित हैं। वो हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रही हैं। शिवानी की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है।

Ravi Mallick
Ravi Mallickauthor

<p>सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी का रहने वाला हूं। यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए लखनऊ आया और स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली।पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा। डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला से हुई। इस दौरान कोरोना महामारी में जूझ रही जिंदगियों को देखा, उसके बारे में लिखा और लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।साल 2020 से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा रहा। यहां शुरुआत दूनिया की खबरों से हुई। फ‍िर एजुकेशन सेक्शन के साथ काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए। रोजगार, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट पर काम करने का मौका मिला। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है। युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है। बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता है। फरवरी 2024 से Times Network में timesnowhindi.com के एजुकेशन टीम के साथ जुड़ा हूं।</p>

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