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Subhash Chandra Bose Drawing: पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग, क्लास के ब्रिलिएंट छात्र कहलाएंगे आप

Subhash Chandra Bose Drawing for Kids: आज 23 जनवरी को नेती जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध और ड्राइंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया जाता है। अगर आप भी इसमें हिस्सा लेने की सोच रहे हैं तो तो यहां कुछ ऐसे Drawing आइडिया दिए गए हैं, जिन्हें देखकर आप इन्हें बना सकते हैं।

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पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

Subhash Chandra Bose Drawing Easy: हर साल 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है। नेताजी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश को सबसे ऊपर रखने के लिए भारतीय सिविल सर्विस को छोड़ दिया था। उनके अद्मय साहस और योगदान को पूरा देश नमन करता है। स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान और बलिदान के कारण 2021 में उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाये जाने की शुरुआत भारत सरकार द्वारा की गई। तभी से सुभाष चंद्र बोस की जयंती को भारत पराक्रम दिवस के तौर पर मनाता है।

इस साल भारत छठा पराक्रम दिवस और सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मनाने जा रहा है। इस दिन आमतौर पर अवकाश नहीं होता है, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। वाद-विवाद, निबंध, कविता और ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। अगर आपकी भी ड्राइंग या पेंटिंग अच्छी है और कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं तो नीचे दी गई ड्राइंग को रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही उनके बारे में कुछ विशेष बातें भी जान सकते हैं।

सुभाष चंद्र बोस ड्राइंग, Subhash Chandra Bose Drawing for kids

Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing.

पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी को 1897 में हुआ था। वह ओडिशा के कटक में एक बंगाली परिवार में जन्मे थे।

Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing

पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

सुभाष चंद्र बोस ने सिविल सर्विस छोड़कर 1921 में गांधी जी की सलाह पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए।

Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing

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कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद उन्हें 1932 में युवा अध्यक्ष और 1938 -1939 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुना गया।

Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing

पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

वर्ष 1949 में सुभाष चंद्र बोस को जर्मनी में भारतीय सैनिकों और अधिकारियों द्वारा नेताजी की उपाधि दी गई, जिसके बाद से उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम से जाना गया।

subhas chandra bose.

पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

वर्ष 1943 में उन्होंने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज सरकार की स्थापना की और इसी नाम से एक रेडियो स्टेशन की भी शुरुआत की।

    Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing

    पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

    बता दें कि नेताजी की आजाद हिंद फौज को 9 देशों की सरकार द्वारा मान्यता दी गई थी।

    Subhash Chandra Bose Jyanti Drawing

    पराक्रम दिवस पर बनाएं सुभाष चंद्र बोस की ये ड्राइंग

    1944 में 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' प्रसिद्ध नारा दिया था, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।

    Varsha Kushwaha
    वर्षा कुशवाहाauthor

    वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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