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Parakram Diwas 2026: पराक्रम दिवस पर पढ़ें नेताजी के 11 प्रेरक विचार, छात्रों को दिखायेंगे सफलता की राह

Parakram Diwas 2026 Inspiring Thoughts for Students: 23 जनवरी को हर साल महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और पराक्रम दिवस मनाया जाता है। देश को स्वतंत्र करने के लिए युवाओं में देशभक्ति और प्रेरणा भरने वाले नेताजी के विचार आज भी लोगों में जोश भर देते हैं। आइए आपके साथ सफलता और निडरता की राह दिखाने वाले उनके कुछ प्रेरणादायक कोट्स आपके साथ शेयर करें।

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पराक्रम दिवस पर पढ़ें नेताजी के 11 प्रेरक विचार

Parakram Diwas 2026 Inspiring Thoughts for Students: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इस साल 129वीं जयंती मनाई जा रही है। 23 जनवरी 1897 में को ओडिशा के कट में नेता जी का जन्म हुआ था। देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के साथ युवाओं का आह्वान किया और 'आजाद हिंद फौज' की शुरुआत गठन किया। उस दौरान उन्होंने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का प्रसिद्ध नारा दिया था, जो आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। उनके अद्मय साहस और बलिदान को याद रखने के लिए 2021 में उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के तौर मनाए जाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस साल नेताजी की 129वीं जयंती के दिन छठा पराक्रम दिवस मनाया जाएगा। आइए इस दिवस पर आपके साथ शेयर करें प्रेरणा भरने वाले विचार, जो युवाओं को दिखाएंगे सफलता की राह।

1. "यह मत भूलो कि अन्याय और अन्याय के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है."

2. "आज़ादी दी नहीं जाती – ली जाती है."

3. "इतिहास में कोई वास्तविक परिवर्तन कभी भी चर्चाओं से हासिल नहीं हुआ है."

4. "सुबह से पहले अंधेरी घड़ी जरूर आती है। बहादुर बनो और संघर्ष जारी रखो।

5. "अगर जीवन में संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तो जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है

6. "अपने देश के प्रति सदैव वफादार रहो, अपने प्राणों की आहुति देने के लिए तैयार रहो. ऐसे सैनिक अजेय होते हैं."

7. "एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार एक हजार जन्मों में अवतरित होगा."

8. "हमारी एकमात्र इच्छा होनी चाहिए – मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके."

9. "जब हम खड़े होते हैं, तो हमें ग्रेनाइट की दीवार की तरह होना चाहिए; जब हम मार्च करते हैं, तो हमें स्टीमरोलर की तरह होना चाहिए."

10. "शाश्वत नियम याद रखें: यदि आप हासिल करना चाहते हैं, तो आपको देना होगा."

11, "अगर संघर्ष न हो, तो विजय असंभव है."

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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